पाटिल का इंडिया गठबंधन की ‘देश बचाओ, वोट बचाओ’ महारैली में 10 लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा
हिमाचल से 15 हजार कार्यकर्ता करेंगे कूच – रजनी पाटिल
शिमला। केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘देश बचाओ, वोट बचाओ’ महारैली को ऐतिहासिक बनाने का ऐलान किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने दावा किया कि इस महारैली में देशभर से 10 लाख से अधिक लोग जुटेंगे, जबकि हिमाचल प्रदेश से 15 हजार लोग दिल्ली कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के मताधिकार को बचाने की लड़ाई है।
शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन, शिमला में इंडिया गठबंधन के नेताओं की मौजूदगी में आयोजित प्रेस वार्ता में रजनी पाटिल ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार इस आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठी आवाज को दबाने में वह सफल नहीं होगी।

रजनी पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत के चलते देश के संविधान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के 13 करोड़ नागरिकों को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित किया गया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वोट का अधिकार जनता की सबसे बड़ी ताकत है और इसकी रक्षा के लिए देशव्यापी संघर्ष जरूरी है।
राहुल गांधी की लड़ाई को मिलेगा इंडिया गठबंधन का साथ
रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। अब इंडिया गठबंधन के एक मंच पर आने से इस आंदोलन को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश की संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों को एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने 1 नवंबर की महारैली को जनाधिकारों की रक्षा के लिए निर्णायक जनआवाज बताते हुए हिमाचल प्रदेश से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आएं लोग : राव दान सिंह
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक एवं पंजाब के पूर्व मंत्री राव दान सिंह ने भी महारैली को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह देश को आजाद करवाने के लिए राष्ट्रभक्तों ने संघर्ष किया था, उसी तरह आज लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आगे आने की जरूरत है।
राव दान सिंह ने लोगों से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली महारैली में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि ‘देश बचाओ, वोट बचाओ’ के नारे के साथ इंडिया गठबंधन लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के मुद्दे को देशव्यापी आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है।
निष्पक्ष चुनाव के लिए सभी विपक्षी दल आएं साथ – सिंघा
माकपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि देश को बचाने के लिए संविधान की रक्षा जरूरी है। निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव नहीं होना संविधान पर हमला है। उन्होंने कहा कि मताधिकार की रक्षा के लिए सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकजुट होना पड़ेगा। सिंघा ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह उस समय अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा था, उसी तरह अब मौजूदा सरकार को भी सत्ता छोड़नी पड़ेगी। उन्होंने इंडिया गठबंधन से लोगों के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
उधर, माकपा के राज्य सचिव संजय चौहान ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और संविधान व लोकतंत्र पर लगातार हमले करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक नवंबर की रैली को असफल बनाने की कोशिश की जा रही है। यदि लोगों को दिल्ली जाने से रोका गया तो जहां उन्हें रोका जाएगा, वहीं रामलीला मैदान बना दिया जाएगा।
