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ऊना। पिछले एक सप्ताह से हिमाचल प्रदेश में हो रही भारी वर्षा के कारण पूरे प्रदेश में सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है तथा प्रदेश को करोड़ों रुपए की क्षति हुई है। केवल जल शक्ति विभाग में ही 4680 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिससे प्रदेश को 323.30 करोड रुपए का नुकसान हुआ है। इनमें ऊना जिला की 257 क्षतिग्रस्त योजनाएं भी शामिल है जहां पर लगभग 20 करोड रूपए का नुकसान हुआ है। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 9 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण ऊना-होशियारपुर मार्ग पर क्षतिग्रस्त घालुवाल पुल के निरीक्षण के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए दी।

अग्निहोत्री ने बताया कि भारी बारिश के कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम के 876 बस रूट प्रभावित हुए हैं तथा 403 बसें विभिन्न स्थानों पर फंस गई हैं। इसके अलावा प्रदेश भर में निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है तथा पूरे प्रदेश में सामान्य जनजीवन प्रभावित हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के इस दौर में प्रदेशवासियों के जान माल की रक्षा करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस दिशा में सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि ऊना जिला में नदियों व खड्डों के किनारे बसे प्रवासियों की सुरक्षा के लिए भी सभी प्रबंध किए जाएं तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए।
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि समतल क्षेत्र होने के कारण ऊना जिला इस भारी बारिश के कारण हुई तबाही से अधिक प्रभावित हुआ है तथा समतल क्षेत्रों में क्षेत्रवासियों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के लोग दूरभाष के माध्यम से प्रशासन से संपर्क कर रहे हैं तथा पूरे जिला में उपायुक्त ऊना के निर्देशन में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लोगों को यथाशीघ्र मदद मुहैया करवा रहा है।

उपमुख्यमंत्री जिला के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए की मुसीबत के इस दौर में राहत और बचाव कार्यों को पूर्ण मुस्तैदी के साथ जारी रखें तथा 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि आपदा के इस दौर में रामपुर हरोली पुल जिला के लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में वरदान साबित हुआ है तथा यातायात के लिए घालूवाल पुल के बंद होने के पश्चात लोग रामपुर हरोली पुल का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऊना जिला में स्वां नदी सहित सहायक नदियों पर लगभग 1500 करोड़ रूपये खर्च किए गए हैं जिस कारण से भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी हालात की स्थिति में भी स्थिति नियंत्रण में है वरना जिला में 1988 जैसे हालात पैदा हो सकते थे।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राणा रणजीत सिंह, जिला प्रशासन के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद थे।

By admin

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