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कैबिनेट मंत्रियों से ज्यादा हैं कैबिनेट मित्र, मंत्रिमंडल पर हावी है मित्र मंडल, कांग्रेस के सारे धड़े बारी-बारी काट रहे हैं दिल्ली का चक्कर 

पांवटा साहिब के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह में सुख सरकार पर जमकर बरसे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर 

नाहन। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सोमवार को पांवटा साहिब में आयोजित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्थानीय निकाय और पंचायती राज के चुनाव में प्रदेशवासियों ने कमल के फूल और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को भरपूर प्यार और वोट दिया है। प्रदेश में अब तक हुए 11 जिला परिषद चुनावों में से 10 में भारतीय जनता पार्टी की जीत हुई है। पांवटा साहिब में 95 फीसदी से ज्यादा भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीते हैं। यह प्रदेशवासियों का भाजपा और नरेंद्र मोदी की नीति और नीयत पर भरोसा है। उन्होंने भाजपा को भरपूर सहयोग देने के लिए सभी का आभार जताया। इस दौरान जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री सुक्खू पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि पंचायती राज और स्थानीय निकाय के चुनाव के परिणाम देखकर मुख्यमंत्री समेत कांग्रेस के सभी मंत्री और विधायक विचलित हैं। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि इन चुनावों में अपने ही घर में बुरी तरह हारने वाले मुख्यमंत्री खुद के लिए विधानसभा चुनाव में सुरक्षित सीट की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायती राज में मिली करारी हार के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू की अपनी कुर्सी भी डामाडोल हुई है। कांग्रेस के विधायक और बाकी धड़े दिल्ली जाकर हार का ठीकरा उनके सिर फोड़कर उन्हें हटाने की पूरी कोशिश भी कर रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री भी इस ऐतिहासिक हार के लिए अपने मंत्रियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। प्रदेश के हितों के लिए काम करने की बजाय कांग्रेस के सारे धड़े दिल्ली में आए दिन अपनी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। एक धड़ा दिल्ली से आता है तो दूसरा धड़ा दिल्ली जाता है। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि इतनी करारी हार के बाद भी मुख्यमंत्री का “मित्र मंडल” मंत्रिमंडल पर हावी है। अपना गुट मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई विधायकों को मंत्री बनाने की घुट्टी पिलाई हुई है। एक विधायक को सदन से लेकर जनसभा तक में मंत्री बनाने का वादा भी कर चुके हैं और उसी वादे को याद दिलाने के लिए वह विधायक हमेशा उनके साथ घूमते नजर आते हैं कि मुख्यमंत्री को किसी तरह अपनी घोषणा याद आए और वह मंत्री बन जाए। किसी भी परिस्थिति में वह मुख्यमंत्री का साथ नहीं छोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है जब प्रदेश में कैबिनेट वाले मंत्रियों से ज्यादा कैबिनेट वाले मित्रों की भरमार है और मित्र, मंत्री पर हावी हैं। मित्रों को मिलने वाला प्रोटोकॉल सर्वोपरि है। जनहित के बजाय मित्र हित ही सरकार की प्राथमिकता है। 

जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते उन्होंने पांवटा साहिब में स्थानीय विधायक और आम जनता की मांग पर अनेकों संस्थान खोले, जिससे लोगों को लाभ मिल सके। सत्ता में आते ही व्यवस्था परिवर्तन की सरकार चलाने वाले सुक्खू ने प्रदेश भर में ढाई हजार से ज्यादा संस्थान बंद कर दिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि जब उन्होंने दायित्व संभाला तो पहली ही कैबिनेट में वृद्धावस्था पेंशन के लिए आय सीमा और आयु सीमा घटाने का फैसला किया। वहीं, सुख की सरकार ने फैसला किया कि डेढ़ हजार से ज्यादा चले हुए स्कूल, अस्पताल, डिस्पेंसरी आदि को बंद कर देंगे। कांग्रेस के नेता किसी भी विधानसभा क्षेत्र में अपने किए हुए चार नए काम नहीं दिखा सकते, जबकि हम उन्हें हर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस द्वारा बंद किए गए पचासों संस्थान दिखा सकते हैं। यही भारतीय जनता पार्टी और व्यवस्था परिवर्तन की सरकार के मॉडल में फर्क है। वह सुविधा छीनना जानते हैं और हम सुविधाएं देना। हम हिम सहारा, गृहिणी, शगुन जैसी योजनाएं चलाते हैं और सुक्खू साजिशें रचकर ऐसी सुविधाएं बंद करते हैं। 

कार्यक्रम में शिमला के सांसद सुरेश कश्यप, पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी, पच्छाद विधायक रीना कश्यप, सिरमौर जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता, शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर समेत अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। 

By admin

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