शिमला। जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने कहा है कि कोरोना महामारी से जूझ रही जनता को केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार ने इस त्यौहारी सीजन में महंगाई का तोहफा दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन डिपो पर मिलने वाली सस्ती दालें महंगी कर दी हैं। इस कारण प्रदेश में लाखों परिवार प्रभावित हुए हैं। सरकार ने नवंबर माह में राशन डिपो में मिलने वाली दालों की कीमतों में 5-5 रुपए प्रति किलो की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि डिपो में मिलने वाले सरसों के तेल में 9 रुपये की वृद्धि की है। वहीं, दालों में चने की दाल, उड़द और मूंग दाल के दाम में 5-5 रुपये की वृद्धि कि गई है।
छाजटा ने कहा कि नई दरों के मुताबिक राशन डिपो पर जो दाल 40 रुपये थी उसके दाम 45 रुपये हो गये हैं। जो दाल 45 रुपये थी वह अब 50 रुपये मे मिलगी। डिपो में बढ़ते दामों से गरीब आदमी परेशान हो गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जहां गरीब लोगों की नौकरियां चली गई हैं, वहीं दूसरी तरफ फेस्टिवल सीजन में महंगाई ने कमर तोड़ दी है। बाजार में इन दिनों कोई भी सब्जी 50 रुपये से कम दामों पर नहीं बिक रही है। दूसरी ओर सरकार ने डिपो में मिलने वाले राशन को भी महंगा कर दिया है। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों को सरकार से बड़ी उम्मीद थी कि राशन के दामों में कटौती होगी, लेकिन सरकार ने इसके उलट राशन के दामों को बढ़ा दिया है।
यशवंत छाजटा कहा कि एक तरफ पेट्रोल व डीजल, बस किराया, प्याज, सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ वाहनों की पंजीकरण की फीस 6 से 15 फीसदी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार हर तरफ जनता को महंगाई परोस रही है और इससे आम जनता बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी और सोई हुई सरकार को जगाएगी।
