Spread the love

कहा – 20 सितंबर तक सभी पात्र परिवारों का चयन सुनिश्चित करें, एक भी जरूरतमंद परिवार योजना से वंचित न रहे 

योजना के अंतर्गत जिला में अब तक 7,786 परिवार चयनित, भगेड़ में सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के लिए 25 लाख रूपये की घोषणा 

बिलासपुर। नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को मुख्यमंत्री “अपना परिवार सुखी परिवार” योजना के तहत ग्राम पंचायत पनोह में घुमारवीं, दकड़ी, फटोह और ग्राम पंचायत बकरोआ में औहर, बकरोआ, अमरपुर, पनोल और आवरी खलीन में पात्र परिवारों से जन संवाद किया।

राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। इसी उद्देश्य से “अपना परिवार सुखी परिवार” योजना शुरू की गई है। प्रदेश के करीब दो लाख अति निर्धन परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का शुभारंभ गांधी जयंती के अवसर पर आगामी 2 अक्तूबर को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना, उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना और दीर्घकाल में आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में अब तक 7,786 परिवारों का चयन किया जा चुका है। इनमें घुमारवीं विकास खंड के 2,266, सदर विकास खंड के 2,695, झंडूता विकास खंड के 2,304 तथा श्री नैना देवी जी विकास खंड के 521 परिवार शामिल हैं। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि 20 सितंबर तक पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि पात्रता रखने वाला एक भी परिवार योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए और पंचायत स्तर पर पूरी गंभीरता के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। 

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि योजना तैयार करते समय विशेष रूप से उन परिवारों को प्राथमिकता दी गई है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं तथा विभिन्न कारणों से अब तक सरकारी योजनाओं की मुख्यधारा से बाहर रहे हैं। योजना में अनाथ बच्चों वाले परिवारों, विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं के परिवारों, ऐसे परिवार जिनमें 27 से 59 वर्ष की आयु के बीच कोई सक्षम कमाने वाला सदस्य नहीं है, तथा गंभीर बीमारी या दिव्यांगता के कारण कमाने वाले सदस्य के असमर्थ होने वाले परिवारों को शामिल किया गया है। अत्यंत कम आय वाले तथा मनरेगा में कार्य करने वाले जरूरतमंद परिवारों को भी पात्रता के दायरे में रखा गया है। उन्होंने कहा कि परिवार की वार्षिक आय सीमा को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये तथा कमाने वाले सदस्य की दिव्यांगता की पात्रता को 50 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत किया गया है।

राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में चयनित करीब दो लाख परिवारों में लगभग एक लाख परिवार ऐसे हैं, जो पूर्व में आईआरडीपी और बीपीएल का लाभ नहीं ले पाए थे। सरकार का प्रयास है कि ऐसे परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचना जरूरी है और इसी सोच के साथ सरकार ने योजना का स्वरूप तैयार किया है।

धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री “अपना परिवार सुखी परिवार” योजना के तहत पात्र परिवारों को हर माह 300 यूनिट निशुल्क बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। परिवारों में 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक सम्मान निधि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को चरणबद्ध तरीके से पक्के मकानों के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना को आने वाले समय में जरूरत के अनुसार और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने लोगों से प्रदेश सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ उठाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने श्रमिकों, किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मनरेगा मजदूरों की दिहाड़ी में वृद्धि की गई है, जबकि आम मजदूरों की दिहाड़ी भी बढ़ाई गई है। पशुपालकों को लाभ पहुंचाने के लिए दूध के खरीद मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए गेहूं, मक्की, हल्दी और अदरक सहित विभिन्न उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और मेहनतकश परिवारों की आय में वृद्धि करना है।

घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए राजेश धर्माणी ने कहा कि संपर्क सड़कों के निर्माण और सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षेत्र में संपर्क सड़कों के निर्माण पर अब तक 80 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की जा रही है। उन्होंने कहा कि टिकाऊ और मजबूत सीमेंट-कंक्रीट सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध हो और लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिल सके।

उन्होंने भगेड़ में सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने भगेड़ जंक्शन में रेन शेल्टर के निर्माण की बात कही तथा जमीन उपलब्ध होने के बाद क्षेत्र में बस स्टैंड के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड बनने से चंडीगढ़-मनाली मार्ग पर आने-जाने वाली बसों के क्षेत्र में ठहराव को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बकरोआ पंचायत में हिमुडा के सहयोग से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। इससे पंचायत को स्थायी आय का स्रोत प्राप्त होगा और स्थानीय स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि औहर में प्रदेश सरकार द्वारा लगभग 150 करोड़ रुपये से पर्यटन परिसर विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 33 केवी सब-स्टेशन स्थापित किया जा रहा है, जिससे बिजली की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर हिमुडा बोर्ड के निदेशक जितेंद्र चंदेल, प्रधान अमित धीमान, पनोल के प्रधान देशराज, प्रधान रीना शर्मा, उपप्रधान गौरव शर्मा, देव मंगल सिंह, आशीष सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और योजना के लाभार्थी उपस्थित रहे। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *