शिमला। हिमाचल प्रदेश में भाजपा विधायकों के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा द्वारा इस मामले में कांग्रेस सरकार पर बदले की भावना से कार्रवाई करने के आरोप पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई नहीं कर रही है, बल्कि प्रदेश की संपदा को बचाने के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर किसी ने प्रदेश की संपदा को नुकसान पहुंचाया या उसका दुरुपयोग किया है तो उसके खिलाफ जांच होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा यह कहे कि जिन लोगों के खिलाफ आरोप हैं, उनके खिलाफ मामला दर्ज न किया जाए, यह संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार का कर्तव्य है कि प्रदेश की जनता के हितों की रक्षा करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को जांच के लिए बुलाया जा रहा है, उन्हें अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। उन्होंने कहा कि संबंधित लोग जांच में अपने तथ्य और परिस्थितियां सामने रखें, उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कई मामलों में दस्तावेज और तथ्य सामने आ रहे हैं। आने वाले समय में और तथ्य सामने आएंगे, जिसके बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
सीएम ने बच्चादानी के ऑपरेशन के बिल पर भी उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि बच्चेदानी के ऑपरेशन से जुड़े बिलों में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं के ऑपरेशन हुए थे तो उसी के अनुसार बिल बनने चाहिए थे, लेकिन बिल पुरुषों के बच्चेदानी के ऑपरेशन के बनाए गए। उन्होंने कहा कि ये अभी शुरुआती तथ्य हैं और आगे जांच में और जानकारी सामने आ सकती है। संबंधित लोगों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार को खत्म करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार व्यवस्था में सुधार के लिए काम कर रही है और जहां भी भ्रष्टाचार से जुड़े मामले सामने आएंगे, वहां नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है। सरकार केवल तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की संपदा और जनता के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
पेपर लीक मामले पर सीएम ने घेरी भाजपा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और पेपर लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में पेपर लीक हुए और पेपर बेचे गए। उन्होंने सवाल उठाया कि उस समय कर्मचारी चयन आयोग को भंग क्यों नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को भंग किया और पेपर बेचने वालों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा।
दिसंबर में भर्तियों का दिया जाएगा पूरा हिसाब
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में लगातार भर्तियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर में सरकार प्रदेश के सामने अब तक हुई सभी भर्तियों का पूरा हिसाब रखेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रिया चल रही है। नर्सिंग सहित विभिन्न पदों के लिए परीक्षाएं हुई हैं और चयनित अभ्यर्थी नौकरी ज्वाइन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया में भी सरकार ने बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि पहले लिखित परीक्षा के अंक अंतिम चयन में नहीं जोड़े जाते थे और साक्षात्कार के अंक जोड़े जाते थे। सरकार ने फैसला लिया कि लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों के अंक मेरिट में शामिल किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इससे लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने वाले उम्मीदवारों के साथ न्याय होगा और चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
पुलिस भर्ती मामले को सीबीआई को सौंपे जाने के बाद जांच की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सीबीआई को मामला सौंपा गया है तो एजेंसी को अपनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सीबीआई को कोई कार्रवाई करनी है तो उसे खुद मामला दर्ज करना चाहिए और जांच को आगे बढ़ाना चाहिए।
विधानसभा सत्र में विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने को सरकार तैयार – सीएम
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर सरकार की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस बार सरकार ने मानसून सत्र को लंबा रखा है, ताकि प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में चर्चा हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर विपक्ष को सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा उठाना है तो वह पूरी तरह तथ्यों के साथ सदन में आए। उन्होंने कहा कि विपक्ष जो भी मुद्दा उठाएगा, उसका जवाब सरकार के मंत्री और वह खुद भी देंगे। किसी को भी सरकार से घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज और प्रमाण मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर सदन में जवाब देगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए पूरा समय दिया जाएगा। सरकार हर मुद्दे का जवाब देने के लिए तैयार है।
