कहा – जहां 300 यूनिट देने थे फ्री, वहां 33 पैसे यूनिट के हिसाब से 100 यूनिट पर 33 रुपए और 300 यूनिट पर 101 रुपए का अतिरिक्त बोझ डाल रही सुक्खू सरकार
टैक्स फ्री बजट का दावा करने वाली सुक्खू सरकार बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर डाल रही अतिरिक्त बोझ
मंडी। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल ने बिजली उपभोक्ताओं पर और आर्थिक बोझ डालने पर प्रदेश की सुक्खू सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश की जनता से 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का बड़ा वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद यह वादा पूरी तरह छलावा साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार मुफ्त बिजली की बात करती है, वहीं दूसरी ओर फ्यूल चार्ज और अन्य करों तथा अतिरिक्त शुल्कों के माध्यम से जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार स्वयं को टैक्स फ्री बजट पेश करने वाली सरकार बताती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि जनता से विभिन्न माध्यमों से अतिरिक्त वसूली की जा रही है। बिजली बिलों में लगाए गए नए फ्यूल चार्ज ने सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर स्पष्ट कर दिया है।
जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पहले बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाली राहतों में कटौती की और अब बिजली बिलों में नए शुल्क जोड़कर आम परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी है। जिन उपभोक्ताओं को मुफ्त या रियायती बिजली का लाभ मिलने की उम्मीद थी, उन्हें अब बढ़े हुए बिलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक परिवारों के बिजली बिलों में फ्यूल चार्ज, सेस और अन्य शुल्कों के कारण उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल रही है। इससे मध्यम वर्ग, किसान, कर्मचारी और छोटे उपभोक्ता सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की वास्तविक खपत से अलग अतिरिक्त शुल्कों का बोझ जनता को परेशान कर रहा है।
राकेश जम्वाल ने कहा कि हाल ही में बिजली उपभोक्ताओं पर 33.8 पैसे प्रति यूनिट का नया फ्यूल चार्ज लगाया गया है। सरकार इसे तकनीकी प्रक्रिया बताकर उचित ठहराने का प्रयास कर रही है, लेकिन इसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। जितनी अधिक बिजली की खपत होगी, उतना ही अधिक अतिरिक्त भुगतान लोगों को करना पड़ेगा।
राकेश जम्वाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख बिजली उत्पादक राज्यों में शामिल है। इसके बावजूद प्रदेश की जनता को महंगी बिजली और बढ़ते शुल्कों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों से बिजली उत्पादन होने के बावजूद आम लोगों को उसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वित्तीय प्रबंधन की कमियों को छिपाने के लिए लगातार नए आर्थिक बोझ जनता पर डाल रही है। कभी विभिन्न सेवाओं के शुल्क बढ़ाए जाते हैं तो कभी बिजली उपभोक्ताओं पर नए चार्ज लगाए जाते हैं। इससे आम लोगों की घरेलू अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए मुफ्त सुविधाओं के वादे अब जनता के सामने सवालों के घेरे में हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में राहत देना चाहती है तो उसे बिजली बिलों में लगाए जा रहे अतिरिक्त शुल्कों और टैक्सों की समीक्षा करनी चाहिए तथा उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश की जनता से जुड़े इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी और बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि बिजली बिलों में लगाए गए अतिरिक्त शुल्कों की वापस लेकर लोगों को राहत दी जाए।
