शिमला। कांगड़ा जिले के धर्मशाला कॉलेज में 19 वर्षीय दलित छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने प्रदेश की राजनीति और सामाजिक चेतना को झकझोर कर रख दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को सीपीआई (एम) शिमला लोकल कमेटी के बैनर तले जिला प्रशासन के खिलाफ जिलाधीश कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता, कॉलेज प्रशासन की लापरवाही और सरकार के असंवेदनशील रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीआई (एम) राज्य सचिव संजय चौहान, राज्य सचिवालय सदस्य राकेश सिंघा और राज्य कमेटी सदस्य जगत राम ने कहा कि छात्रा की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की सामूहिक विफलता का परिणाम है। वक्ताओं ने कहा कि इस दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार कितनी गंभीर है।
सीपीआई (एम) नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रा के माता-पिता ने उसकी मौत से पहले दो बार धर्मशाला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था। उन्होंने कॉलेज में कुछ छात्राओं द्वारा की जा रही रैगिंग और एक अध्यापक द्वारा शारीरिक हिंसा की बात पुलिस को बताई, लेकिन पुलिस ने यह कहकर एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया कि छात्रा अस्वस्थ है और उसके ठीक होने के बाद ही बयान लिया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि इसी लापरवाही के कारण छात्रा लगभग दो से ढाई महीने तक गहरे डिप्रेशन में रही और उसके माता-पिता लगातार अस्पतालों में उसका इलाज करवाते रहे। अंततः 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई।
वक्ताओं ने स्पष्ट आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते शिकायत दर्ज कर उचित कार्रवाई करती, तो छात्रा की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि इस मौत के लिए पुलिस प्रशासन, कॉलेज प्रशासन और सरकार का तंत्र पूरी तरह जिम्मेदार है, जिन्होंने समय रहते दोषियों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया।
सीपीआई (एम) की लोकल कमेटी शिमला के सचिव जगत राम कहा कि उनकी पार्टी की सरकार से मांग है कि छात्रा की मौत की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच करवाई जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए तथा जिन पुलिस कर्मचारियों ने एफआईआर दर्ज करने से मना किया उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जेंडर सेंसेटाइजेशन कमेटी अगेंस्ट सेक्चुअल हरासमेंट का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि छात्रा की मौत की निष्पक्ष जांच नहीं की गई और दोषियों को सजा नहीं मिली, तो सीपीआई (एम) पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में कुलदीप तनवर, जगमोहन ठाकुर, राम सिंह, सत्यवान, बालक राम, महेश, विवेक कश्यप, सनी, कमल रितेश सहित कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
