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शिमला। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने केंद्र सरकार पर प्रदेश के हितों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब से हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनी है, तब से केंद्र सरकार ने राज्य को मिलने वाली वित्तीय सहायता में करीब 10,000 करोड़ रुपए की कटौती की है। चौहान ने स्पष्ट कहा कि भाजपा नेता केंद्र से मिलने वाली सहायता राशि के झूठे आंकड़े पेश कर जनता को गुमराह कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि बीते पांच वर्षों में हिमाचल को केंद्र से केवल 4,253 करोड़ रुपए की ही वित्तीय मदद मिली है।

शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता में उद्योग मंत्री ने भाजपा के आरोपों का करारा जवाब देते हुए कहा कि भाजपा के नेता प्रदेश की आर्थिक स्थिति बिगड़ने का ठीकरा राज्य सरकार पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हकीकत बिल्कुल अलग है। उन्होंने वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि उस आपदा में प्रदेश को लगभग 10,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। केंद्र सरकार ने दो साल बाद जाकर 2,006 करोड़ रुपए देने का आश्वासन दिया, लेकिन वास्तव में हिमाचल को इसमें से महज 1,500 करोड़ रुपए ही मिलेंगे। इतना ही नहीं, इस राशि में भी 25 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार को स्वयं वहन करना होगा।

हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि राजस्व अनुदान घाट जो पहले 10,500 करोड़ रुपए था, वह अब घटकर केवल 3,200 करोड़ रुपए रह गया है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में विकास कार्यों की गति थमी नहीं है और सरकार हर परिस्थिति में प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए कृतसंकल्प है।

उद्योग मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से जो फंड मिल रहे हैं, वह एक फिक्स अमाउंट है जो हर राज्य को मिलना ही है। इसमें हिमाचल को कोई अतिरिक्त राहत या विशेष पैकेज नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र का आभार तभी जताया जाएगा, जब प्रदेश को इसके अलावा अलग से कोई विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी। चौहान ने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल को घोषित किए गए 1,500 करोड़ रुपए ‘अनटाइड फंड’ की राशि एक साथ मिलनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्रियों के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर तंज कसते हुए चौहान ने कहा कि वे नेता केवल राजनीतिक दिखावे के लिए दौरे कर रहे हैं। यदि उन्हें वास्तव में प्रदेश की चिंता होती तो वे दौरे के साथ-साथ हिमाचल की वित्तीय मदद भी सुनिश्चित करते। 

उद्योग मंत्री का नेता प्रतिपक्ष पर निशाना 

उद्योग मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर ने दिल्ली जाकर केवल अपने क्षेत्र सराज की आपदा का ही जिक्र किया और वहीं के लिए मदद मांगी। जबकि विपक्ष के नेता होने के नाते उनका कर्तव्य था कि वह पूरे प्रदेश की आपदा की बात केंद्र के सामने रखते। चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने राहत मैन्युअल में संशोधन कर पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश की है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश एक बार फिर आपदा से उबरकर अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा होगा।

By admin

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