प्रबंधन को रोक के आदेश व कार्मिकों के खिलाफ चार्जशीट वापस लेने की मांग, दो सप्ताह में आदेश वापस न होने की स्थिति में 7 अगस्त को शिमला में प्रदर्शन
शिमला। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड के कर्मचारियों, अभियंताओं और पेंशनरों की जॉइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने शुक्रवार को एक अहम बैठक के बाद बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ संघर्ष तेज करने की चेतावनी दी है। बैठक में जॉइंट एक्शन कमेटी के संयोजक ई. लोकेश ठाकुर और सह संयोजक हीरा लाल वर्मा के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई।
कमेटी का आरोप है कि प्रबंधन द्वारा दोनों पदाधिकारियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने को लेकर मेजर पेनल्टी की चार्जशीट फ्रेम की गई है, जो कि ट्रेड यूनियन अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने इसे बदले की भावना से उठाया गया कदम बताया। इसके साथ ही बोर्ड कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन पर लगे प्रतिबंध को भी गैर लोकतांत्रिक करार दिया गया।
जॉइंट एक्शन कमेटी के सह संयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि यदि प्रबंधन ने दो सप्ताह के भीतर कर्मचारियों के प्रदर्शन करने के अधिकार को बहाल नहीं किया और अधिकारियों के खिलाफ जारी चार्जशीट व आदेश वापस नहीं लिए, तो 7 अगस्त को शिमला में एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बोर्ड के हजारों कर्मचारी, अभियंता, पेंशनर्ज व आउटसोर्स कर्मचारी भाग लेंगे। कमेटी ने स्पष्ट किया कि यदि प्रबंधन का रवैया नहीं बदला गया तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप भी ले सकता है।
