शिमला। मानव कल्याण सेवा समिति चौपाल ने राजधानी शिमला में गत दिन पियर एजुकेटर ( Peer Educator) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें जिला कल्याण अधिकारी हाकम सिंह ठाकुर व तहसील कल्याण अधिकारी सुरेन्द भीमटा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मानव कल्याण सेवा समिति चौपाल के सचिव केशव राम लोहटा ने जानकारी दी कि CPLI ( Community based Peer Led Intervention ) प्रोजेक्ट सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग भारत सरकार व (NISD) (National Institute of Social Defence) के निर्देशानुसार, जिला शिमला में तहसील स्तर पर चलाया जा रहा है। मानव कल्याण सेवा समिति चौपाल द्वारा पियर एडुकेटर (Peer Educator) प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला भर से आये 20 पियर एजुकेटर ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेसोसर्स पर्सन दीपक सुंदरियाल ने प्रशिक्षुओं को किशोर अवस्था मे नशे की लत लगने के मुख्य कारण उसके बचाव और किशोरों से संवाद के विभिन्न तरीकों की विस्तारपूर्वक चर्चा की। मानव कल्याण सेवा समिति चौपाल के सचिव केशव राम लोहटा ने जानकारी दी कि CPLI (Community based Peer Led Intervention) कार्यक्रम के माध्यम से किशोरावस्था में नशे की लत से किशोरों को बचाने के लिए मानव कल्याण सेवा समिति के जिला शिमला में ब्लाक स्तर पर लगभग 20 पियर एजुकेटर कार्य कर रहें है जो की सरकार द्वारा निर्धारित कोविड 19 के सभी दिशा निर्देशों की अनुपालन सहित अपने अपने क्षेत्रों में किशोरों को नशे से दूर रहने के सन्देश के साथ साथ उन्हें लाइफ स्किल का प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं ।
केशव राम लोहटा ने जानकारी दी की संस्था का लक्ष्य मार्च माह तक कम से कम 48000 किशोरों से संवाद साधने का है। छोटे से छोटे गली मोहल्ले में नशे के खिलाफ प्रहरी तैयार कर नशे के बढ़ते चलन को रोकने के लिए किशोरों की एक फौज तैयार करना व जागरूकता अभियानों के माध्यम से नशे के चंगुल में फंस चुके युवाओं को बेहतर काउंसलिंग व रेहेबिलटेशन का प्रावधान इस मुहिम के विशेष पहलु है जो इस कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाती हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनर एवं सुपरवाइजर मुनीश शर्मा, अमी चंद, पियर एजुकेटर काजल, प्रतिभा, नीतू, कौशल्या, अनुभव, मुकेश, मनोज, वीरेंद्र, नीरज, पीयूष, धन दास जस्टा, पुनीत कुमार व अन्य प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
