शिमला। जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष यशवंत छाजटा ने केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि कानून को काला कानून करार दिया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने कृषि पर बनाए नए कानून को किसानों पर थोपा है। उनका कहना है कि इस कानून से अन्नदाता बर्बाद हो जाएगा। छाजटा ने कहा कि नए कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने का जिक्र ना होना इस बात की तरफ इशारा करता है कि सरकार ने कृषि व्यवस्था को बड़े पूंजीपतियों के हवाले कर दिया है। इससे किसान अधिकार विहीन हो जाएगा और वह पूंजीपतियों और बिचौलियों के हाथों की कठपुतली बन जाएगा।
छाजटा ने कहा कि किसानों को जब उनकी फसलों का कोई उचित दाम नहीं मिलेगा, तो वह मजबूरन अपनी फसल उन धन्ना सेठों और बिचौलियों को बेचने को मजबूर हो जाएगा, क्योंकि उनके पास अपनी फसल रखने के ना तो पर्याप्त भंडार है और ना ही वह इसे ज्यादा दिनों तक अपने पास सुरक्षित रख सकता है। उन्होंने कहा कि कि एक तरफ केंद्र में बैठे भाजपा सरकार किसानों को आत्मनिर्भर का सपना दिखाती है और दूसरी तरफ पूरी तरह बड़ी कंपनियों व बिचौलियों के हाथों में गिरवी रखने का अधिकार धन्ना सेठों को दे दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी बागबानों से अदानी ग्रुप ने अपनी मनमानी चला रखी है।
छाजटा ने कहा कि देश व प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई व गिरती जीडीपी से साफ है कि देश घोर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और भाजपा सरकार देश में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है और किसानों के हक की लड़ाई के लिए कांग्रेस पार्टी किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी सूरत में बड़े पूंजीपति और बिचौलियों की की कठपुतली नहीं बनने दिया जाएगा।
