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एसजेवीएनएल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता-2024 के विजेता किए पुरस्कृत 

शिमला। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि हर व्यक्ति को ऊर्जा संरक्षण की दिशा में सहयोग करना चाहिए क्योंकि ऊर्जा संरक्षण निरंतर विकास का एक बड़ा हिस्सा है।

राज्यपाल बुधवार को यहां ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रीय अभियान 2024 के अंतर्गत सतलुज जल विद्युत निगम द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता-2024 के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को पुरस्कृत किया। लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी इस अवसर पर उपस्थित थीं।

राज्यपाल ने कहा कि भारत सरकार का विद्युत मंत्रालय, ऊर्जा सरंक्षण के प्रति राष्ट्रीय जागरूकता अभियान चलाता है। इसके अंतर्गत, देशभर में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीशियेंसी द्वारा वर्ष 2005 से स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य घरेलू क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा संरक्षण के प्रति स्कूली छात्रों को संवेदनशील बनाना है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि एस.जे.वी.एन. इन प्रतियोगिताओं का दायित्व पिछले कई वर्षों से सफलतापूर्वक निभा रहा है और अब तक पिछले 19 वर्षों में 20 लाख से अधिक बच्चों ने इसमें भाग लिया है तथा लगभग, 494 बच्चों को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया गया है। 

राज्यपाल शुक्ल ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में विजयी होने के लिए प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऊर्जा के समस्त संसाधनों को हमें संरक्षित करना होगा। ऊर्जा संरक्षण से धन, समय और पर्यावरण सभी को बचाया जा सकता है। यह उतरदायित्व सिर्फ किसी एक व्यक्ति का नहीं है सभी को इसमें अपना-अपना योगदान देना होगा तभी जाकर हम कुछ ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि जहां तक हो सके प्रकृति के द्वारा मिलने वाले उपहारों पर अधिक-से-अधिक निर्भरता रखें एवं कृत्रिम ऊर्जा का कम-से-कम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बचत का एक अन्य तरीका यह है कि आप अधिक दक्ष उपकरणों का प्रयोग करें। 

उन्होंने कहा कि विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में एस.जे.वी.एन. चहुंमुखी प्रगति कर रहा है। विद्युत उत्पादन के अलावा स्वच्छता अभियान, सतर्कता अभियान इत्यादि आयोजनों के कार्यान्वयन में भी कंपनी बढ़-चढ़ कर भाग ले रही है। 

इससे पूर्व, सतलुज जल विद्युत निगम के निदेशक, कार्मिक अजय कुमार शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा प्रतियोगिता से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने काह कि प्रदेश के 12 जिलों के 4 हजार 794 स्कूलों के 2 लाख 10 हजार 936 बच्चों ने स्कूली स्तर पर भाग लिया। पिछले वर्ष 12 जिलों के 2650 स्कूलों के 1 लाख 57 हजार 500 बच्चों ने स्कूली स्तर पर भाग लिया था। इस वर्ष स्कूली स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रतिभागिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता स्कूल, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। इस वर्ष राज्य स्तरीय पेंटिंग प्रतियोगिता का विषय है-‘‘प्रकृति के उपहारों की रक्षा, सतत परिवर्तन को अपनाएं’’ और ‘‘आपके पास ऊर्जा बचाने की शक्ति है।’’ 

इस अवसर पर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छोटा शिमला के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

उप-महाप्रबंधक श्री अनुराग भारद्वाज ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। 

राज्यपाल के सचिव सी.पी. वर्मा, सतलुज जल विद्युत निगम के विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारीगण, निर्णायक मंडल के सदस्य, जिनमें प्राथमिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक बी.आर. शर्मा,  हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के दृश्य कला विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. हिम चटर्जी, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के तकनीकी विशेषज्ञ, दृश्य कला विभाग पवन कुमार, हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों से भाग लेने वाले छात्र, शिक्षक एवं अभिभावक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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