शिमला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य के मौजूदा सियासी हालात का ठीकरा कांग्रेस के सिर फोड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौजूदा राजनीतिक अनिश्चितता की स्थिति के लिए कांग्रेस स्वयं जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह लोकसभा चुनाव लड़ने से यह कहते हुए इनकार कर रही हैं कि सांसद निधि से आवंटित राशि से चुनाव नहीं लड़ा जा सकता, लेकिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व पीसीसी चीफ प्रतिभा सिंह की साझा प्रेस वार्ता से मालूम होता है कि अब उन्हें मना लिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में रूठने-मनाने का दौर चल रहा है। इसका खामियाजा प्रदेश के लोग भुगतने को विवश हैं।
जयराम ठाकुर ने शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्री निर्दलीय विधायकों को बुलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें सरकार में उचित सम्मान दिए जाने का हवाला दिया जा रहा है। तीन मंत्री अलग-अलग फोन कर कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री को बदला जाना है। लिहाजा उन्हें वापस लौट कर सरकार का समर्थन करना चाहिए। बागियों को भी कहा जा रहा है कि वापस लौट आओ आपकी सदस्यता बहाल कर देंगे। उन्होंने कहा कि तीन मंत्रियों के अलग-अलग फोन कर बागियों व निर्दलीयों को बुलाने से साफ है कि लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में जंग फिर शुरू होगी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कभी काम नहीं किया, लेकिन यहां कांग्रेस के ही विधायकों के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम किया जा रहा है। लाहौल-स्पीति में विधायक रवि ठाकुर सालों से घर जाने के लिए जिस रास्ते का उपयोग करते हैं उसे बंद कर दिया गया है। रवि ठाकुर पर एफआईआर दर्ज की गई है। इंद्र दत्त लखनपाल को शिमला में बने उनके घर को तोड़ने का नोटिस दिया गया है। केएल ठाकुर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। निर्दलीय विधायक पर एफआईआर की गई है। उन्होंने कहा कि यह विचित्र संयोग है कि एक ओर सरकार विधायकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, दूसरी ओर उन्हें फोन कर बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद महिलाओं को सम्मान निधि के तौर पर 1500 रुपए मासिक देने का फार्म भरवाए जाना आचार संहिता की अवहेलना है। उन्होंने कहा कि बागी विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने सोशल मीडिया में पोस्ट किया कि महिलाएं पूछ रही हैं कि विधानसभा चुनाव के वक्त भरवाए फार्म कहां गए और 1500 रुपए कब मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है।
