नेगी निगम भंडारी ने कहा कि जनजातीय जिला किन्नौर में ग्राम सभाएं अपने अधिकारों की सुरक्षा और लोक कल्याण के लिये वचनबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किन्नौर के अधिकार क्षेत्र में बिना स्थानीय ग्राम पंचायत की अनुमति या मर्ज़ी से अपने निर्णय उन पर थोपने का जो कानून बनाया है हम उसका कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि ये कानून जनजातीय क्षेत्र के नागरिक अधिकारों का भी उल्लंघन है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
नेगी निगम भंडारी ने कहा कि देश के बार्डर पर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिये किन्नौर वासी सरकार और फौज को हर मदद के लिये हमेशा तत्पर रहे हैं, लेकिन वन संरक्षण के नाम पर हमारे अधिकारों से छेड़छाड़ को हम सहन नहीं करेंगे। केंद्र सरकार की मनमानी और आधुनिकीकरण की मार को किन्नौर बाढ़, भू-स्खलन, नदियों के रूख मोड़ने और बादल फटने जैसी आपदाओं के रूप में भुगत रहा है।
