शिमला। भाजपा ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश में सभी बूथों पर बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके तहत प्रदेश कार्यालय दीपकमल चक्कर शिमला में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाग लिया। उनके साथ भाजपा प्रदेश संगठन मंत्री सिद्धार्थन विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस मौके पर जयराम ठाकुर ने कहा कि भारत की एकता के लिए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बहुत बड़ा योगदान रहा है और उनका सपना था कि देश एक होकर आगे बढ़े। ऐसे में जो परमिट व्यवस्था का सिस्टम जम्मू कश्मीर में अंदर जाने के लिए लागू था, मुखर्जी ने उसका विरोध किया। उसके बाद मुखर्जी ने फैसला किया कि अगर इस सारे मामले को लेकर के उस समय की केंद्र सरकार अगर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तो वह स्वयं नियमों का उल्लंघन करके जम्मू कश्मीर की सीमा में प्रवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि फिर मुखर्जी ने एक आंदोलन का नेतृत्व किया और लखनपुर के पास पठानकोट के आगे पहुंचने के बाद जैसे ही उन्होंने जम्मू कश्मीर की सीमा में प्रवेश किया तो जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उनको गिरफ्तार कर लिया। उसके पश्चात उनको जेल में रखा गया और कुछ वर्षों तक जेल में रहने के बाद भी उनका किसी कारण से देहांत हो गया और कारण का अभी तक पता नहीं लग पाया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुखर्जी की मृत्यु का रहस्य आज तक शोध का विषय बना हुआ है, जिसकी जानकारी सही रूप में नहीं मिल पाई। लेकिन आखिरकार मुखर्जी ने इस आंदोलन का नेतृत्व कर अपना बलिदान दिया उसके उपरांत यह परमिट व्यवस्था समाप्त हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा एक बात का स्मरण कर आगे बढ़ी कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है और आज हमारे लिए यह बड़ा प्रसन्नता का विषय यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और धारा 370 और 35ए भी देश में समाप्त कर दी गई। इसमें प्रधानमंत्री मोदी की मुख्य भूमिका रही। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का मार्गदर्शन हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को पूरे देशभर में बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है और उनके बलिदान का हम हमेशा स्मरण करते हैं।
इस कार्यक्रम में विधायक हंस राज, विनोद ठाकुर, भाजपा पदाधिकारी पायल वैद्य, संजय सूद, प्यार सिंह, शिशु भाई धर्मा, संजय ठाकुर, कर्ण नंदा, नरेश शर्मा, विजय परमार, किरण बावा आदि उपस्थित रहे।
