शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने प्रदेश की सुक्खू सरकार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में रेट कांट्रेक्ट की सरकर आई है और इस सरकार ने कांग्रेस पार्टी की चार्जशीट बनाने में मदद करने वालों में से एक अधिकारी को विशेष नियुक्ति देकर पुरस्कार दिया है।
कश्यप ने शनिवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हिमाचल प्रदेश में कबाड़ बिक्री की नई दरें तय हो चुकी हैं और अब तो क्रशर यूनियन भी बन चुकी है। इनके हर माह के दाम तय हो चुके हैं, इसका खुलासा जल्द किया जाएगा। उन्होंने कहा उद्योगपतियों के साथ लगातार सरकार के लोग बातचीत कर रहे हैं और उनके भी रेट कांट्रैक्ट तकरीबन तय हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुख की सरकार ने आते ही डीजल के ऊपर वेट को 3 रुपए बढ़ाकर जनता के ऊपर दुख का बोझ बढ़ा दिया। यह सरकार पानी की दरों पर सेस लगने जा रही है। इससे भी जनता के दुख बढ़ने वाले हैं। वहीं, डिपो में खाद्य तेल तो यह सरकार पहले ही महंगा कर चुकी है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि मौजूदा सरकाल को 3 महीने होने को आए हैं और सरकार की कोई बड़ी उपलब्धि सामने नहीं आई है। 25 जनवरी पर भी लोग और कर्मचारी घोषणाओं का इंतजार करते रहे, पर सरकार ने कोई घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार की दूसरी कैबिनेट से जनता को बहुत आस थी क्योंकि इन्होंने बड़े-बड़े वायदे जनता से किए हैं। कैबिनेट में कोई बड़ा कार्य नहीं हो पाया और कैबिनेट पूर्ण रूप से खाली निकली। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में केवल एक मामला पास हुआ कि सरकार दो हजार करोड़ का निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के मुखिया केवल ऋण का रोना रो रहे हैं, पर इस सरकार के 3 महीने पूरे होने जा रहे हैं और अभी तक इस सरकार ने 4500 करोड़ का लोन ले लिया है। उन्होंने कहा कि दिसंबर में 1000 करोड़, जनवरी में 1500 करोड़ और अब फरवरी में 2000 करोड़ का कर्ज सरकार लेने जा रही है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से हिमाचल श्रीलंका बनने जा रहा है।
सुरेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की सरकार केवल भाजपा के किए हुए कामों की वाहवाही लूटने में लगी है। जितने भी प्रोजेक्ट कि बात कांग्रेस सरकार कर रही हैं वह सब भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय स्थापित किए गए थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में एफसीए और एफआरए का निर्णय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया है। इसमें हम स्पष्ट करना चाहेंगे कि भारतीय जनता पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को अच्छे से लड़ा, प्रधानमंत्री मोदी से तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्वयं मिले। एफसीए और एफआरए को हटाने की मांग उनके समक्ष रखी, आज जब फैसला सामने आया तो केवल समय का अभाव है कि कांग्रेसी सरकार सत्ता में थी पर परिश्रम तो भाजपा की सरकार ने ही किया थे।
कश्यप ने कहा कि इस सरकार ने विधायक निधि रोक दी है और उसकी आखिरी किस्त भी नहीं दी है। अब तो उपायुक्त कार्यालय में जो जनता के कार्यों के लिए विकास निधि भेजी जाती थी, उसको भी रोक दिया गया है। यह सरकार चाहती ही नहीं कि धरातल पर विकास कार्य हो इस सरकार को तो केवल अपने ही सुखों की पड़ी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में सीमेंट उद्योग 2 महीने से बंद पड़े हैं और हिमाचल सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है, इसमें भी सरकार की व्यवस्था पूरी तरह से फेल होती दिखाई दे रही है। सरकार को इस मामले को सुलझाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने बदला बदली की भावना से कार्य किए हैं। हिमाचल प्रदेश में 620 से अधिक सरकारी संस्थानों को बंद कर दिया गया है, जिसका भारतीय जनता पार्टी मंडल स्तर पर विरोध कर रही है आने वाले समय में इस विरोध को और उग्र किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कटवाल, मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा और प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय सूद उपस्थित रहे।
राजीव शुक्ला पर भी किया सुरेश कश्यप ने हमला
कश्यप ने कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा केवल जनता की आवाज उठा रही है और उससे कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। भाजपा एक मजबूत विपक्ष का कार्य कर रही है और इससे कांग्रेस पार्टी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जिन 10 गरंटियों की समीक्षा करने के लिए राजीव शुक्ला हिमाचल आए हैं, उन गारंटियों के बारे में जनता जानना चाहती है। कांग्रेस इस गारंटियों को कब तक पूरी करने जा रही है।
केंद्रीय बजट को सराहा कश्यप ने
कश्यप ने कहा इस बार का केंद्रीय बजट सप्त ऋषि बजट है। उसमें समग्र एवं समावेशी विकास पर जोर, समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच, बुनियादी ढांचा विकास एवं निवेश क्षमता को उजागर कर प्रोत्साहन, देश के हरित विकास पर पूरा ध्यान, युवा शक्ति के जोश का इस्तेमाल, वित्तीय क्षेत्र को बढ़ावा पर ध्यान देने पर उत्तम काम किया गया है।
इस बार देश का सबसे बड़ा रेलवे बजट केंद्र सरकार ने प्रस्तुत किया है जो कि 2.40 लाख करोड रुपए है और इससे हिमाचल प्रदेश को भी बड़ा लाभ हुआ है हिमाचल प्रदेश में तीन बड़ी रेल परियोजनाओं के लिए 1902 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
नंगल तलवाड़ा के लिए 204 करोड़, भानुपल्ली बिलापुर रेल के लिए 1260 करोड़ और चंडीगढ़ बड़ी रेल लाइन किए किए 450 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
शिमला कालका रेलवे ट्रैक पर हाइड्रोजन ट्रेन के लिए भी केंद्र सरकार ने 870 करोड रुपए की राशि का प्रावधान किया है। इसके साथ साथ केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को 3 नर्सिंग कॉलेज भी दिए हैं और तमाम जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी बजट में कई प्रावधान किए गए हैं।
