कुल्लू। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के अधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण तथा बच्चों को घर द्वार के नजदीक स्तरीय तथा गुणवतयुक्त शिक्षा प्रदान करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। इस दिशा में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए प्रदेश में शिक्षा पर 8 हजार 412 करोड़ रूपए व्यय किए जाएंगे, जो कि कुल बजट का 16 प्रतिशत है। वे शनिवार को कुल्लू स्थित अटल सदन में समग्र शिक्षा कुल्लू खंड-2 द्वारा सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम के तहत आयोजित स्कूल प्रबंधन समिति सम्मान समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे।
गोविंद ठाकुर ने कहा कि शिक्षा एक महादान है। बच्चों को जीवन में अच्छी शिक्षा प्राप्त हो, वे आगे चलकर बुलंदियों को हासिल कर हर समस्या का सामना करते हुए उस पर विजय पा सकें इसके लिए अध्यापक, स्कूल प्रबंधन समितियों तथा समुदाय को एक साथ मिलकर कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। इसमें अध्यापक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्यापक-अध्यापिकाएं बधाई के पात्र हैं जो शहर के स्थान पर गांव के स्कूल में पढ़ाने को प्राथमिकता देते हैं। अन्य अध्यापकों को भी ऐसा करने के लिए आगे आना चाहिए। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि इसमें समुदाय को शिक्षा के साथ जोड़ा गया है। दुनिया का हर तरह का ज्ञान बच्चे को मिले, इसके लिए दस जमा दो की पद्धति में संशोधन कर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर 5 जमा 3 जमा 3 तथा जमा 4 के मॉडल को अपनाया गया है। 18 साल में बच्चा स्नातक बनेगा तथा इसमें बुनियादी शिक्षा की मजबूजी पर बल दिया गया है। अक्षर ज्ञान के साथ छठी कक्षा से बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जाएगी तथा आगे चलकर उन्हें प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा, ताकि वह स्कूल से निकलते ही अपनी अभिरूचि अके अनुसार व्यवसाय के साथ जुड़कर स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अपने पांव पर खड़े हो सकें।ठाकुर ने कहा कि शिक्षक का स्थान सबसे ऊंचा है तथा वह ही बच्चों को नेता, डॉक्टर, वैज्ञानिक, अभिनेता, शिक्षाविद, आईपीएस, आईएएस तथा इंजीनियर बनाता है। उन्होंने कहा कि बच्चे बड़ों से ही सीखते हैं। इसलिए बच्चों को सिखाने के लिए बड़ों को अपनी सोच बदलकर जीवन में परिवर्तन लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी तथा दक्षिणी कोरिया जैसे देशों में बेरोजगारी की कम समस्या है। इन देशों में 19 से 24 साल के बच्चे 52 प्रतिशत, 76 तथा 96 प्रतिशत है, जबकि भारत में यह प्रतिशतता 5 प्रतिशत है, जिसे 2025 तक 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अध्यापक समुदाय की सहभागिता से सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या को बढ़ाएं तथा ईमानदारी व कड़ी मेहनत से बच्चों को पढ़एं। सरकारी स्कूलों में सुशिक्षित अध्यापक होते हैं जो बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ाने में सक्षम होते हैं। सरकारी स्कूलों में सस्ती तथा मुफत शिक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि नग्गर में होटल मैनेजमेंट संस्थान खोला जाएगा, इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इससे हमारे बच्चों को अपने जिला में ही होटल मैनेजमेंट में पढ़ाई करने की सुविधा मिलेगी। जिला में पर्यटन तथा जलक्रीड़ा गतिविधियों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है तथा इस व्यवसाय से जिला के हजारों युवाओं को स्वरोजगार प्राप्त हुआ है।
शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने इस अवसर पर कुल्लू शिक्षा खंड-2 के तहत बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने के लिए प्राथमिक पाठशाला, मिडल, उच्च तथा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला वर्ग में 11 स्कूल प्रबंधन समितियों को क्रमशः 10 हजार, 7 हजार तथा 5 हजार रुपए की नगद राशि व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसमें प्राथमिक स्कूल स्तर पर एसएमसी माछिंग, बलहाणी तथा जीपीएस गाहर ने क्रमशः पहला, दूसरा तथा तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार मिडल वर्ग में एसएमसी जीएमएस कोटा ने पहला तथा न्योली ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। उच्च स्कूल वर्ग में एसएमसी बस्तूरी-2 ने पहला, भूमतीर ने दूसरा, तथा चतानी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला वर्ग में एसएमसी रावमापा कुल्ल (बाल) ढालपुर ने पहला, बाघन ने दूसरा तथा भुट्टी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। कोरोना काल में हर घर पाठशाला में बेहतरीन ऑनलाईन अध्यापन कार्य, स्कूलों में विकास को लेकर व अन्य स्कूली गतिविधियों में उत्कृष्ट कार्य के लिए 50 से अधिक अध्यापकों तथा अध्यापिकाओं को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर बंजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र शौरी, भाजपा जिला महामंत्री अखिलेश कपूर, जन जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष युवराज बोध, हिमाचल प्रदेश महिला आयोग की सदस्य मंजरी नेगी, पूर्व नगर पार्षद तरूण बिमल, जिला भाजपा मीडिया प्रभारी श्याम कुल्लवी, उप शिक्षा निदेशक (उच्च) शांति लाल शर्मा, उप शिक्षा निदेशक (प्रारम्भिक) सुरजीत रॉव, भुंतर नगर पंचायत की अध्यक्ष मीना ठाकुर, टीजीटी श्याम शरण, विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, बीआरसी, एमएमसी पदाधिकारी, सदस्यगण, विभिन्न पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधिगण, अध्यापकगण तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
