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बिलासपुर। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजिन्द्र गर्ग ने कहा है कि श्रमिकों का देश व प्रदेश के विकास में एक अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का ध्येय समाज की अन्तिम पंक्ति में खड़े मजदूर की उन्नति करना है। प्रदेश सरकार श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है और उनके हितों का विशेष ध्यान रख रही है। वे सोमवार को हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य कामगार कल्याण बोर्ड के सौजन्य से सन्तोषी माता मंदिर हारकुकार के सभागार में लाभार्थियों को इंडक्शन चूल्हा वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा ने की। 

गर्ग ने कहा कि भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड प्रदेश में भवन एवं सन्निर्माण कामगारों के लिए विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं चला रहा है। बोर्ड़ द्वारा कामगार श्रमिकों के बच्चों के लिए उच्चस्तरीय एवं गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न प्रकार की नई लाभकारी योजनाएं आरम्भ की गई है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के तहत प्राथमिक शिक्षा से पीएचडी डिग्री तक प्रतिवर्ष 8,400 रूपए से 1,20,000 रूपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध की जा रही है। इसी प्रकार ऐसे पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों में दो बालिकाओं के जन्म पर 51,000 रूपए प्रति बालिका प्रोत्साहन राशि उस परिवार को दी जी रही है, ताकि समाज में बालिकाओं की परवरिश में किसी प्रकार की कमी न रहे। इसके साथ-साथ पंजीकृत कामगारों को एवं उनके बच्चों की शादी, मातृत्वध्पितृत्व सुविधा, चिकित्सा सुविधा एवं पेंशन इत्यादि के लाभ प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण कामगारों को बहुत बड़ी चुनौतियों से जूझना पड़ा है। इस संकट के समय सरकार द्वारा प्रत्येक कामगार को 6,000 रूपए प्रति परिवार आर्थिक सहायता प्रदान की गई, ताकि वे इस महामारी से उत्पन्न विकट परिस्थितियों में अपना जीवन यापन कर सके। सरकार श्रमिकों के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत है।
हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को मूलभूत व कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाना ही हिमाचल प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा पंजीकृत कामगारों के मानसिक रूप से मंद व अपंग बच्चों के लिए योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थी के बच्चों की देखभाल के लिए प्रत्येक वर्ष 20,000 रुपए की राशि, विधवा पेंशन योजना में पंजीकृत लाभार्थी की विधवा को प्रत्येक माह 1500 रुपए की राशि, होस्टल सुविधा योजना में पंजीकृत लाभार्थी के बच्चों को होस्टल में रहने पर प्रत्येक वर्ष 15,000 रुपए से 20,000 रुपए तक की राशि उपलब्ध करवाई जा रही है।
इस अवसर पर श्रम अधिकारी भावना शर्मा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में कोविड 19 नियमों का पालन किया गया। इस अवसर प्रदेश किसान मोर्चा प्रवक्ता प्रवेश शर्मा, जिला महामंत्री पंकज ठाकुर, प्रदेश महासचिव रूप सिंह ठाकुर, जिला समन्वयक सुमित शर्मा उपस्थित रहे। 

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