शिमला। भाजपा प्रदेश चंडीगढ़ एवं हिमाचल प्रदेश ने संयुक्त रूप से कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के काफले को रोकने की घटना के उपरांत एक शव यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा की अध्यक्षता चंडीगढ़ प्रांत के महामंत्री रामवीर भट्टी न की उनके साथ चंडीगढ़ नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षद भी उपस्थित रहे। शव यात्रा राजधानी के चौड़ा मैदान से विधानसभा तक चली, जहां कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के पुतले को जलाया गया।
चंडीगढ़ भाजपा प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी ने कहा कि बुधवार को पंजाब में नरेंद्र मोदी के काफिले को रोका गया, वह चन्नी सरकार की एक बड़ी साजिश थी। यह पूरी योजना राहुल और प्रियंका गांधी द्वारा बनाई गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से डर गए थे। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि देश के किसी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में एक सरकार द्वारा चूक हुई है। उन्होंने कहा कि एक प्रधानमंत्री को सुरक्षा देना प्रदेश की सरकार का ज़िम्मा होता है और यह जिम्मेदारी निभाने में पंजाब सरकार चूक गई है। अब चन्नी मुख्यमंत्री के रूप में अपनी नाकामी को छुपाने की कोशिश कर रहे है।
भट्टी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चन्नी और उनके मंत्री देश के गद्दार हैं और देश के विपरीत काम करने वाले संगठनों के इशारे पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना से स्पष्ट है कि चन्नी सरकार निकम्मी है और उसे तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 42 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास करना था, जो पंजाब की जनता के लिए बड़ा काम था। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। इस प्रदर्शन में जिला शिमला भाजपा अध्यक्ष रवि मेहता, प्रदेश सचिव पायल वैद्य, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा, कार्यालय सचिव प्यार सिंह कंवर, मंडल अध्यक्ष राजेश शारदा, दिनेश ठाकुर, जितेंद्र भोटका, महापौर सत्या कौंडल, नगर निगम शिमला के महापौर उपस्थित रहे।
