शिमला। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने इस साल असाधारण और असामान्य जलवायु परिस्थितियों के कारण राज्य में लगातार ओलावृष्टि से फलों और सब्ज़ियों की फसलों को बड़े पैमाने पर हुए नुकसान का मामला उठाया गया है। इस ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है और वे गहरे तनाव और परेशानी में हैं। सिंघा ने लिखा कि गत दिनों शिमला, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिलों के विभिन्न हिस्सों में हुई भीषण ओलावृष्टि से बड़े पैमाने पर सेब, चेरी, बेर, नेकटरीन, आड़ू, नाशपाती, मटर और अन्य सब्ज़ियां नष्ट हुई हैं। इसमें करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ है। अगर सरकार किसानों की मदद के लिए आगे न आई तो छोटे और सीमांत किसानों का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा। सिंघा ने किसानों को राहत देने के लिए सरकार को कुछ सुझाव भी दिए हैं। उन्होंने उम्मीद की कि सरकार इस पर गौर करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को इस दिशा में उपयुक्त निर्देश देगी।
सिंघा ने ये दिए सुझाव
– राजस्व, बागवानी और कृषि अधिकारियों द्वारा एसडीएम की अध्यक्षता में नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण करके एक सप्ताह की अवधि के भीतर इस नुकसान की रिपोर्ट प्रस्तुत की जानी चाहिए और आपके कार्यालय तक पहुंचनी चाहिए।
– गत दिनों के तूफान से जिन क्षेत्रों में फलों की फसलें नष्ट हो गई थीं, बागवानी विभाग उन क्षेत्रों के किसानों को मुफ्त में स्प्रे उपलब्ध कराए, ताकि क्षतिग्रस्त फलों को ठीक किया जा सके।
– चूंकि किसान पहले ही गहरे सदमे और तनाव में है। ऐसे में उन्हें तूफान से क्षतिग्रस्त फलों और सब्ज़ियों के नुकसान के एवज़ में नकद राहत दी जानी चाहिए। दो दिन पहले आए तूफान और तेज हवाओं ने कुमारसैन के कुछ क्षेत्रों में, विशेष रूप से जार पंचायत के सेब के पेड़ों को उखाड़ दिया गया था। इसी तरह के नुकसान अन्य स्थानों पर हुए होंगे, उन्हें भी उचित मुआवज़ा दिया जाना चाहिए।
– उन सभी किसानों को, जिन्होंने केसीसी ऋण का लाभ उठाया है, उन्हें प्रति परिवार 2 लाख रुपये तक की राशि का भुगतान करने से छूट दी जानी चाहिए और बैंकों कोे सरकारी खज़ाने से इस राशि का भुगतान करना चाहिए।
– हिमफेड और एचपीएमसी द्वारा पिछले साल किसानों से खरीदे गए फलों का बकाया भुगतान तुरंत किया जाना चाहिए।
सिंघा ने पत्र में लिखा कि सरकार को बाजार में पर्याप्त मात्रा में कार्टन और ट्रे उपलब्ध करवाने का प्रबंध करना चाहिए और उन्हें देश की विभिन्न मण्डियों तक पहुुचाने के लिए परिवहन का इंतज़ाम भी करना चाहिए। भविष्य के संकट को ध्यान में रखते हुए सरकार को सीए स्टोर्ज़ किराए पर लेने चाहिए, क्योंकि सेब सीज़न के समय ही कोरोनोवायरस भी अपने शिखर पर होगा।
