शिमला।कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों पर थोपे गए तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे किसानों की जीत बताया है। उन्होंने कहा है कि लंबे समय के बाद केंद्र की मोदी सरकार की आंखें खुली। उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन आंदोलनरत किसानों से बात तक नहीं की और आज ऐकाएक दूरदर्शन पर प्रकट होकर उन्होंने इन तीनों कानूनों को रद्द करने की घोषणा की।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि अब जब पांच राज्यों में चुनाव की बेला शुरू होने वाली है, ऐसे में उन्होंने तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया है, लेकिन इसमें अब भाजपा को कोई सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुए चार उप चुनावों के परिणामों के बाद देश में भाजपा को जो झटका लगा है, उसके बाद पहले डीज़ल व पेट्रोल के मूल्यों में कमी की। अब किसानों पर थोपे तीन कृषि कानून रद्द कर देश में लोगों के गुस्से को शांत करने का यह असफल प्रयास किया है।
विक्रमादित्य सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में हुए उप चुनावों परिणामों के बाद उन्हें देश व प्रदेश में लोगों की समस्याएं नज़र आने लगी हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि मोदी सरकार ने हमेशा ही स्वार्थ की राजनीति कर देश के लोगों को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी से लोग त्रस्त हैं। केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की जयराम सरकार लोगों को कोई भी राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
