शिमला। प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के काजा में विश्व का सबसे ऊंचा चार्जिंग स्टेशन शुरू हो गया है। गो इगो नेटवर्किंग कंपनी ने काजा ने इलेक्ट्रिक वाहनों का चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया है और इसे वीरवार को शुरू कर दिया गया है। इस मौके पर एसडीएम काजा महेंद्र प्रताप सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह कहा कि काजा में इलेक्ट्रिक वाहनों का चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से काफी फायदा होगा और ग्रीन पर्यावरण के लिए सार्थक रहेगा। एसडीएम ने कहा कि अब जो पर्यटक इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ स्पीति घूमने आना चाहते हैं, वे आसानी से आ सकते हैं। अब उन्हें अपनी गाड़ियों के चार्जिंग की चिंता नहीं सताएगी। अब काजा में चार्जिंग स्टेशन में अपने वाहन चार्ज कर सकेंगे। यहां पर दो इलेक्ट्रिक स्कूटी ट्रायल के लिए दी गई है। गो इगो नेटवर्किंग कम्पनी को आभार है जिन्होंने यहां स्टेशन स्थापित किया है।
मनाली से काजा लेकर आई दोनों स्कूटी
गो इगो नेटवर्किंग कंपनी के ब्रांड हेड वर्द मौर्य ने बताया कि मनाली से उनकी टीम के दो सदस्य मनाली से काजा इलेक्ट्रिक स्कूटी पर आए हैं। इस दौरान तीन जगह स्कूटी चार्ज की गई। रास्ते में कोई भी दिक्कत दोनों दो पहिया चालकों नहीं हुई। अगर उनका यहां पर स्टेशन का ट्रायल सफल रहता है तो अन्य स्टेशन भी स्थापित किए जा सकते हैं।
वहीं कंपनी की मार्केट कम्युनिकेशन हेड मानवी ने कहा कि मेक इन इंडिया के तहत गो इगो नेटवर्किंग कम्पनी बनी है। देश भर में उन्होंने स्टेशन स्थापित किए हैं। काजा में स्टेशन इसी कड़ी में स्थापित किया, ताकि पर्यटकों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति क्रेज बढ़े। उनका कहना था कि प्रदूषण मुक्त पर्यावरण ने इलेक्ट्रिक वाहन मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि चार से पांच घंटे में स्कूटी फूल चार्ज हो जाती है। मैदानी क्षेत्रों में 95 किलोमीटर एक बार फुल चार्जिंग से चलती है। काजा जैसे क्षेत्र में 70 से 75 किलोमीटर एक बार चार्जिंग में चल सकती है। इसमें पेट्रोल और डीजल की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते पड़ते हैं।
