शिमला। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एम्स बिलासपुर की समीक्षा की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व में स्वास्थ्य मंत्री रहे जेपी नड्डा व केंद्रीय खेल व यूथ अफेयर्स एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर व अन्य अधिकारियों के साथ एम्स बिलासपुर के निर्माण कार्य को लेकर विस्तार से चर्चा की। बैठक में भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल को हमेशा विशेष प्रेम मिला। हिमाचल को एम्स की सौगात देने के लिए पूरा हिमाचल उनका धन्यवादी है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एम्स के बनने से हिमाचल के स्वास्थ्य जगत को बहुत बड़ी ताकत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ़ हिमाचल ही नहीं, पूरे उत्तर भारत के लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। साथ ही स्वास्थ्य के साथ साथ रोज़गार के नए मौक़े भी मिलेंगे।
नड्डा ने कहा कि बिलासपुर एम्स का काम बहुत तेज़ी से चल रहा है। 2022 में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस ये संस्थान पूरे उत्तर भारत को प्रधानमंत्री की सौग़ात के रूप में मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि हर देशवासी को अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिले और इसे साकार करने के लिए उन्होंने अपनी सरकार में 15 एम्स की शुरुआत की। साथ ही हर ज़िले में मेडिकल कालेज का काम शुरू किया। जगत प्रकाश नड्डा ने सतत् निगरानी के लिए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया का आभार व्यक्त किया और अनुराग ठाकुर की सराहना की। साथ ही राज्य सरकार द्वारा बुनियादी सुविधाएं मुहैया करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद किया।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने निर्देश दिए कि एम्स बिलासपुर का निर्माण कार्य 2022 तक की समय सीमा में पूर्ण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एम्स बिलासपुर के प्रारंभ हो जाने से हिमाचल प्रदेश की जनता को जनता को काफ़ी लाभ होगा। अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ जो लोग दिल्ली आकर अपना इलाज करवाते थे, उन्हें अब अपने गृह राज्य में ही बेहतर तकनीक व अनेक रोगों के विशेषज्ञ विभागों के होने का लाभ भी प्राप्त होगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एक दुर्गम क्षेत्र वाला राज्य है। वहां स्वास्थ्य सुविधाओं का पहुंच पाना भी एक कठिन कार्य है। ऐसे में एम्स बिलासपुर का होना एक क्रांतिकारी कदम होगा। इससे वहां के लोगों को रोज़गार भी उपलब्ध होगा एवं मेडिकल के छात्रों को भी अधिक सुविधाजनक एवं बेहतर रिसर्च की सुविधा उपलब्ध होगी।
