शिमला। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है कि अनुबन्ध कर्मचारियों के नियमितिकरण के लिए तीन साल अवधि को घटा कर दो साल करने का अनुरोध किया। वहीं, राज्य सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर आउटसोर्स आधार पर भर्ती न की जाए, बल्कि यहां पर सीधी भर्ती की जाए। इसके अलावा संघ ने सचिवालय में जेओए (आईटी) के स्थान पर लिपिक पदों को भरा जाए। हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के प्रधान संजीव शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां एक प्रतिनिधिमण्डल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात कर ये मांगें उनके समक्ष रखीं।
संगठन के प्रधान संजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री से अनुबंध कर्मचारियों के नियमितिकरण के लिए तीन साल अवधि को घटा कर दो साल करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन अप्रैल माह में भी मिला था तथा सगंठन को मुख्य मंत्री द्वारा आश्वस्त किया गया था कि सितम्बर तक इस पर उचित निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब दोबारा मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया कि 15 अगस्त को अनुबंध की अवधि को तीन साल से घटा कर दो साल की घोषणा कर दी जाए, जिससे निश्चित तौर पर कर्मचारियों को फायदा होगा। यदि इस साल अनुबन्ध की अवधि 3 से घटा कर 2 साल की जाती है तो उसका लाभ निश्चित तौर पर कर्मचारियों को होगा। यदि सरकार अगले वर्ष इस अवधि को कम करती है तो इसका लाभ कर्मचारियों को नहीं होगा, क्योंकि 2020 में बहुत कम भर्तियां अनुबन्ध पर हुई है तथा अगले वर्ष तक अनुबन्ध पर लगे कर्मचारियों की अवधि लगभग तीन वर्ष पूर्ण हो जाएगी। संगठन ने मुख्यमंत्री से सचिवालय में जेओए (आईटी) की जगह लिपिकों की भर्ती करने का भी अनुरोध किया।
संगठन ने अवगत करवाया की सचिवालय में जेओए (आईटी) के भर्ती तथा पदोन्नति नियम नहीं है तथा यहां पर लिपिकों के लिए शैक्षिणक योग्यता स्नातक है। इसलिए सचिवालय में लिपिकों की जगह जेओए (आईटी) के पदों को भरना उचित नहीं होगा। संगठन ने मुख्यमंत्री को सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी के पदों को आउटसोर्स आधार पर भरे जाने बारे को लेकर भी अवगत करवाया। साथ ही उनसे आग्रह किया कि सचिवालय की विशेष सेवा को देखते हुए सचिवालय में आउटसोर्स आधार पर भर्ती नहीं होनी चाहिए तथा यह पद सीधी भर्ती द्वारा भरे जाने चाहिए। संघ के महासचिव कमल कृष्ण शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने संघ को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा तथा उचित कार्यवाही की जाएगी। इस मुलाकात के दौरान प्रधान संजीव शर्मा के अतिरिक्त महासचिव कमल कृष्ण शर्मा, सदस्य महेन्द्र कुमार, चतुर्थ श्रेणी के प्रधान टेक राम, महासचिव प्रहलाद गौतम, सचिवालय के अनुबंध कर्मचारी रक्षित, साहिल, विपुल, त्रिपाठी, सचिन और अंकुश तथा अन्य उपस्थित रहे।
