शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से रिज मैदान पर पार्टी की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति मांगी है। इस संबंध में राठौर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से यह आग्रह भी किया कि सरकार किसी बड़े सरकारी संस्थान का नाम वीरभद्र सिंह के नाम पर रखे, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में राठौर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के जननायक सबके लोकप्रिय नेता, प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह 8 जुलाई 2021 की सुबह अपनी संसारिक यात्रा पूरी कर इस दुनिया को अलविदा कह गए। प्रदेश के नव निर्माण में उनके योगदान को कभी न तो भुलाया जा सकता है और न ही कम आंका जा सकता है। उनके अंतिम संस्कार में उमड़े जन सैलाब से साफ है कि वीरभद्र सिंह कितने लोकप्रिय व जन मानस के नेता थे।
राठौर ने कहा कि हमारे बीच से एक ऐसा लोकप्रिय नेता चला गया, जो सबके दिलों में वास करता था। अब हमारे पास उनकी स्मृतियां शेष रह गई हैं। उन स्मृतियों को याद रखना हमारा नैतिक कर्तव्य ही नहीं है, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी भी है। लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल की सरकारें आती है जाती है। किसी भी राजनीतिक दल के कुछ नेता लोगों के दिलों में अपनी कोई अमिट छाप छोड़ जाते हैं, जो लोगों के दिलो में बस जाती है।कुलदीप राठौर ने पत्र में लिखा कि वीरभद्र सिंह उन नेताओं में से एक हैं जो लोगों के दिलों में बस गए हैं। एक ओर जहां प्रदेश के निर्माण में डॉ. यशवंत सिंह परमार के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, वहीं प्रदेश के नव निर्माण में वीरभद्र सिंह को भी कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। पहाड़ी राज्यों के विकास में आज हिमाचल प्रदेश एक विशेष स्थान रखता है, जिसका पूरा श्रेय वीरभद्र सिंह को ही जाता है।
राठौर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की यह इच्छा है कि वीरभद्र सिंह की याद में शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में उनकी स्मृति में कोई स्मारक बने। अतः प्रदेश कांग्रेस उनकी एक प्रतिमा रिज मैदान में स्थापित करना चाहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि रिज मैदान में कांग्रेस को कोई उपयुक्त स्थान उपलब्ध करवाया जाए, जिससे वह अपने जननायक व आधुनिक हिमाचल के निर्माता वीरभद्र सिंह की प्रतिमा को स्थापित कर सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि सरकार किसी बड़े सरकारी संस्थान का नाम वीरभद्र सिंह के नाम पर रखे, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
