शिमला। प्रदेश कांग्रेस महासचिव व विधायक विक्रमादित्य सिंह ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की शिक्षकों के खिलाफ की गई उनकी सार्वजनिक टिप्पणी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने महेंद्र सिंह से शिक्षकों से सार्वजनिक तौर पर माफ़ी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा है कि महेंद्र सिंह ने शिक्षकों का घोर अपमान किया है, जिसे सहन नहीं किया जा सकता है। बता दें कि जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कुछ दिन पहले अपने कुल्लू जिले के बंजार दौरे के दौरान शिक्षकों को लेकर टिप्पणी की थी। इससे शिक्षक वर्ग भी भड़का था और अब विक्रमादित्य सिंह ने उन पर हमला बोला है।
विक्रमादित्य सिंह ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि महेंद्र सिंह ने शिक्षकों के प्रति उनकी मानसिकता को प्रदर्शित कर दिया है। कोरोना काल में शिक्षकों को प्रथम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं की संज्ञा देने वाली भाजपा नेताओं की पूरी पोल खुल गई है। विक्रमादित्य सिंह ने जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उन्हें सत्ता का नशा इस कदर छाया है कि वह अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी सरेआम धमकाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मुख्य सचिव का जिस प्रकार से उन्होंने मंत्रीमंडल की बैठक में अपमान किया है, वह पूरी तरह निदनीय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अपने इस मंत्री के अपमानजनक व्यवहार पर खामोशी का साफ अर्थ है कि उनका अपने मंत्रियों पर कोई नियंत्रण नहीं है और उन्होंने इन्हें अधिकारियों व लोगों को धमकाने की खुली छूट दे रखी है।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में होने वाले तीन उप-चुनावों को सामने देख भाजपा पूरी तरह बौखलाहट में है। असल में प्रदेश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बिगड़ती अर्थव्यवस्था ऐसे मुद्दे हैं, जिनका भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है। देश हो या प्रदेश भाजपा की नीतियों ने आज सब कुछ बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीनों उप-चुनाव कांग्रेस जीतेगी और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भी प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
