शिमला। हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने कहा कि 19 जून को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जन्म दिवस पर युवा कांग्रेस जहां गरीबों को जरूरत की वस्तुएं वितरित करेगी, वहीं कोरोना महामारी से लड़ने में मददगार मेडिकल किट का वितरण भी करेगी। यही नहीं, उस दिन युवा कांग्रेस रक्तदान शिविर का आयोजन भी करेगी। उन्होंने वीरवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में इसका ऐलान किया।
नेगी ने कहा कि आज की परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए जब देश के आम लोग कोरोना जैसी महामारी और महंगाई से जूझ रहे हैं और गरीब लोग दाने दाने को मोहताज है, तब राहुल गांधी के जन्मदिवस पर किसी भी तरह के कार्यक्रमों का आयोजन न करके देेशभर में गरीब लोगों की मदद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली औऱ दूसरी लहर में युवा कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लवरु के नेतृत्व में पूरे देश में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से आम लोगों को भोजन, दवाएं, ऑक्सीजन पहुंचाई और गरीब लोगों के अंतिम संस्कार करने में भी आगे आकर योगदान किया, उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए युवा कांग्रेस राहुल गांधी के जन्मदिन पर लोगों की मदद करेगी और निकट भविष्य में भी ये मदद जारी रहेगी।
निगम भंडारी ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ सरकार की खामियां उजागर करने में ही विश्वास नहीं रखती, बल्कि वह देश की सबसे पुरानी पार्टी होने के नाते अपनी जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही है और आगे भी निभाती रहेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, सह-प्रभारी संजय दत्त और प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर के निर्देशों के अनुसार हिमाचल के सभी युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष और कार्यकर्ता से 19 जून को राहुल गांधी के जन्म दिवस पर गरीब और असहाय लोगों की मदद करेंगे।
नेगी ने कहा कि कोरोना से बचने का एक मात्र तरीका टेस्टिंग और ज्यादा से ज्यादा लोगो को वेक्सीन लगवाना है। उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से हिमाचल सरकार वैक्सीन ड्राइव चला रही है, इस रफ्तार से सभी लोगो को कोरोना वेक्सीन के दो डोज लगने में 2 साल लग जाएंगे। नेगी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वेक्सीन सेंटर्स की संख्या को बढ़ाया जाए और ग्रामीण इलाको के हेल्थ सेंटर पर भी वैक्सीन लगवाई जाए, क्योंकि हिमाचल की 70 फीसदी आबादी ग्रामीण इलाकों में बसती है, जिनमें आम गरीब लोग अधिक हैं और उनकी आर्थिक स्थिति उन्हें शहरों के वेक्सीन सेंटर्स तक पहुंचने में मुश्किल पैदा कर रही है।
