शिमला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि वह किसानों, बागवानों के हितों से खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा है कि किसानों व बागवानों की आवाज दबाने के लिए उर्वरकों, कीटनाशकों सहित खादों के मूल्यों में बढ़ोतरी एक सोची समझी राजनीतिक साजिश है।
राठौर ने शनिवार को यहां कहा कि किसानों व बागवानों के हितों की सरकार कोई परवाह नहीं कर रही है। अपनी हठधर्मिता के चलते सरकार किसानों की कोई भी आवाज नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि नए कृषि कानूनों में किसानों-बागवानों को एक बार फिर से पूंजीपतियों के चंगुल में फंसाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि देश में पहली बार एक ऐसी निरंकुश सरकार सत्ता में बैठी है, जिसे देश के लोगों की नहीं, बल्कि चंद पूंजीपतियों की चिंता है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों में एकाएक 700 रुपए की बढ़ोतरी किसानों-बागवानों की आर्थिकी पर सरकार का एक बड़ा प्रहार है। उन्होंने कहा कि किसानों व बागवानों को पहले ही उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिलता, ऊपर से उन्हें उर्वरकों, कीटनाशकों, फंफूंदनाशकों व अन्य आवश्यक उपकरणों, गत्ते के बक्से आदि महंगी दरों लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। इससे किसान व बागवान कृषि के प्रति हतोत्साहित हो रहे हैं, जो बहुत ही चिंता का विषय है।
कुलदीप राठौर ने सरकार से मांग की कि किसानों व बागवानों को उर्वरकों, कीटनाशकों, फंफूंदनाशक व इससे जुड़े आवश्यक उपकरण आदि सस्ती दरों में उपलब्ध करवाए जाए। उन्होंने सरकार से सब्सिडी के तहत खरीदे जाने वाले उपकरणों को भी खुले बाजार से खरीद करने की कृषकों को अनुमति देने को कहा है। उन्होंने कहा कि पहले ही देश में बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी ने आम लोगों का जीवन दूभर कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से कृषि और बागवानी क्षेत्र में उत्पादन में भारी गिरवाट आएगी, जिसके परिणाम स्वरूप देश में अन्न, सब्जियों व फलों के उत्पादन में भारी कमी होगी। राठौर ने कहा कि समय रहते अगर सरकार ने बढ़ी हुई कीमतों को वापस नही लिया तो प्रदेश कांग्रेस किसानों व बागवानों के हितों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरेगी।
