लोकतंत्र के नाम पर अराजकता और हिंसा की राजनीति स्वीकार नहीं, कांग्रेस स्पष्ट करे अपना रुख : डॉ. सीमा ठाकुर
शिमला। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सीमा ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि लोकतंत्र बचाने का दावा करने वाली कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह भारत में किस प्रकार की राजनीतिक व्यवस्था चाहती है। उन्होंने कहा कि जेएनयू की छात्रा एवं आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा वोरा के बांग्लादेश संबंधी कथित बयान ने कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और उसके विरोध प्रदर्शनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डॉ. सीमा ठाकुर ने कहा कि 14 अक्टूबर को बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के सम्मेलन के लिए जारी वीडियो संदेश में नेहा वोरा ने कथित तौर पर कहा कि बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन ने उन्हें रास्ता दिखाया और आंदोलनकारियों को लाल सलाम भेजा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ऐसे विचारों से सहमत हैं? यदि नहीं, तो कांग्रेस नेतृत्व को सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हुए हिंसक घटनाक्रम को पूरी दुनिया ने देखा। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के आकलन के अनुसार उस दौरान लगभग 1,400 लोगों की मौत हुई हो सकती है। हजारों लोग घायल हुए और अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आईं। ऐसे घटनाक्रम से जुड़े आंदोलन को भारत के युवाओं के सामने आदर्श के रूप में प्रस्तुत करना गंभीर चिंता का विषय है।
डॉ. सीमा ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी लगातार ‘पॉलिटिकल रेजिस्टेंस’ की बात करते हैं, लेकिन राजनीतिक प्रतिरोध और अराजकता में स्पष्ट अंतर है। भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता जनता के जनादेश और संवैधानिक प्रक्रियाओं से होकर गुजरता है, न कि हिंसा और अव्यवस्था से। उन्होंने कहा कि दिल्ली में चुनाव आयोग के विरुद्ध हुए विरोध प्रदर्शनों में नेहा वोरा की भागीदारी और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की उपस्थिति को लेकर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाने से पहले ठोस प्रमाण प्रस्तुत करना आवश्यक है। संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर निराधार सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के हित में नहीं है।
