कर्ज पर कर्ज लेकर प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही सरकार : सुरेश कश्यप
शिमला। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। सीपीआरआई मुख्यालय में स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री को भाजपा सांसदों की भूमिका पर सवाल उठाने के बजाय अपने तीन साल से अधिक के कार्यकाल, प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति, बढ़ते कर्ज और ठप पड़े विकास कार्यों की चिंता करनी चाहिए।
कश्यप ने कहा कि भाजपा सांसदों को मुख्यमंत्री से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। लोकसभा और राज्यसभा के भाजपा सांसद अपनी संवैधानिक एवं राजनीतिक जिम्मेदारियों को अच्छी तरह जानते हैं और हिमाचल के मुद्दों को उचित मंचों पर उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार ने आपदा से लेकर विकास योजनाओं तक हिमाचल को लगातार सहयोग दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के मंत्री दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्रियों से मिलते हैं और विकास कार्यों के लिए धनराशि लेकर लौटते हैं, लेकिन केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का धन्यवाद करना भूल जाते हैं। कश्यप ने कहा कि विशेष श्रेणी राज्य के कारण हिमाचल को कई केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात में सहायता मिल रही है।
आत्मनिर्भरता के लिए आय बढ़ाए सरकार
राजस्व घाटा अनुदान को लेकर कश्यप ने कहा कि यह एक अस्थायी व्यवस्था थी। सरकार यदि 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर और 2030 तक देश का सबसे विकसित राज्य बनाने का दावा करती है तो उसे आय बढ़ाने, गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण और कर्ज पर निर्भरता कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि लगातार कर्ज लेने से प्रदेश का आर्थिक भविष्य चिंता का विषय बन रहा है।
अफसरों का कैडर नहीं, ‘मित्रों की फौज’ कम करे सरकार
आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों के कैडर में कमी के प्रस्ताव पर कश्यप ने कहा कि सरकार गलत दिशा में खर्च कम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की संख्या घटाने के बजाय अनावश्यक राजनीतिक नियुक्तियों और फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाया जाना चाहिए। प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किए बिना विकास को गति नहीं दी जा सकती।
कांग्रेस की ओर से भाजपा में गुटबाजी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि भाजपा का केवल एक गुट है और उसका नाम भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने दावा किया कि हाल के पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों में भाजपा को व्यापक जनसमर्थन मिला है और 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस सरकार को जवाब देगी।
हिमकेयर को कमजोर करना गरीबों के साथ अन्याय
हिमकेयर योजना को लेकर कश्यप ने कहा कि यह गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है। यदि योजना में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो सरकार उसकी निष्पक्ष जांच करवाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। लेकिन गड़बड़ी को आधार बनाकर पूरी योजना को बंद या कमजोर करना उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को कमियां दूर करनी चाहिए, न कि गरीबों से इलाज की सुविधा छीननी चाहिए।
वंदे मातरम् और तिरंगे को लेकर कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय ध्वज और भारत माता का सम्मान भाजपा के लिए राजनीति का नहीं बल्कि राष्ट्रगौरव का विषय है। उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रीय प्रतीकों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश का सम्मान सर्वोपरि है।
कश्यप ने कहा कि कांग्रेस सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था संभालने, कर्ज और फिजूलखर्ची नियंत्रित करने, विकास कार्यों को गति देने तथा गरीबों की योजनाओं को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।
