शिमला। हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने राज्य चुनाव आयोग को प्रदेशभर से ज्ञापन प्रेषित किये। इसमें चुनावों के दौरान नशे को रोकने की मांग की गई। समिति का मानना है कि चुनावों के दौरान सबसे ज्यादा लोग खासकर युवा वर्ग नशे से ग्रसित तथा आकर्षित होते हैं। जबकि इसके सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव महिलाओं को झेलने पड़ते हैं। चुनावों के दौरान युवाओं का एक नया समूह नशे की चपेट मे आकर नये आदी बन जाते हैं।
शिमला में ज्ञान विज्ञान समिति के तत्वावधान में मुख्य चुनाव आयुक्त मनीष गर्ग को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें पांच संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ज्ञान विज्ञान समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुण्डीर एवं जिला सचिव नवीन शर्मा, बेटी बचाओ अभियान से सुमित्रा चन्देल, जन स्वास्थ्य अभियान से डॉ. रवि भूषण, नौजवान सभा से कपिल शर्मा, हैल्पेज इंडिया से रोबिन सिंह, नशा निवारण राज्य ट्रेनर विद्या चौहान ने भाग लिया।
पुण्डीर ने बताया कि ज्ञान विज्ञान समिति एक जन आधारित स्वयं सेवी संस्था है जो लोकतांत्रिक मूल्य एवं संवैधानिक प्रक्रियाओं में प्रगाड़ आस्था और विश्वास रखती है। इनमें से चुनाव भी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। परन्तु यह देखा गया है कि कई राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा चुनावों के दौरान अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं को लुभाने के लिए कई प्रकार के प्रलोभन जैसे कि शराब, नशीली दवाओं और पैसों आदि का आबंटन किया जाता हैं, जिसकी वजह से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हो पाना असंभव हो जाता है। इस तरह का अनैतिक आचरण हमारे लोकतंत्र की नींव को कमज़ोर करता है।
वहीं, सुमित्रा चन्देल ने कहा कि नशे व पैसे के प्रलोभन नागरिकों को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के उनके मौलिक अधिकार से वंचित करता है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों का यह व्यवहार न केवल चुनावी प्रक्रिया को विकृत करता है, बल्कि ये हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास भी कम करता है।
समिति लोकतांत्रिक मूल्यों की मज़बूती को कायम रखने के लिए तत्पर रहते हुए आप का ध्यान लोकसभा चुनाव 2024 में होने वाले संभावित अनाचार और गड़बड़ियों की ओर आकृष्ट करते हुए उन पर रोकथाम की अपेक्षा रखती है और चुनावी प्रक्रिया को प्रलोभन मुक्त, निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से सम्पन्न करवाने का आग्रह करती है।
समिति ने चुनाव आयुक्त से मांग की कि –
1. चुनाव अवधि के दौरान अवैध दवाओं और शराब के वितरण और खपत का पता लगाने और रोकने के लिए प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करें।
2. दबाव, रिश्वतखोरी और अन्य प्रकार की चुनावी धोखाधड़ी को रोकने के लिए मतदान केंद्रों पर सतर्कता बढ़ाएँ।
3. चुनाव के दौरान अवैध गतिविधियों में भाग लेने के नकारात्मक परिणामों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों, नागरिक समाज संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ समन्वय करें।
4. चुनावी अनाचार में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त दण्डात्मक कार्यवाही करें, जिससे यह स्पष्ट संदेश जाए कि इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके साथ नोजवान सभा के राज्य कोषाध्यक्ष कपिल शर्मा ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से समझौता करने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की निगरानी और ट्रैक करने के लिए प्रौद्योगिकी और नवीन समाधानों का उपयोग करना होगा।
इन चुनौतियों का सक्रिय रूप से समाधान करके आप न केवल लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कायम रखेंगे बल्कि चुनावी प्रणाली में हिमाचल प्रदेश के नागरिकों का विश्वास भी बहाल करेंगे।
डॉ रवि भूषण ने कहा कि हमे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में 2024 में लोकसभा चुनाव पारदर्शिता, निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों के साथ आयोजित किए जाएंगे। नवीन शर्मा ने कहा कि हमारी संस्था हर संभव तरीके से आपके प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है। हम आपसे एक सुचारू और लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की उम्मीद रखते हैं।
