हमीरपुर। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की पहल पर हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व के स्वर्णिम जयंती वर्ष के तहत आयोजित की जा रही स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा में राज्य के 50 वर्षों की विकास यात्रा को प्रतिबिंबित करने के लिए लोक कलाकार भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
प्रदेश सरकार ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से प्रदेश के लोक कलाकारों, संगीतकारों और लेखकों से स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा के लिए 5 अप्रैल तक रचनाएं आमंत्रित की हैं। इन रचनाओं में हिमाचल प्रदेश के पूर्ण राज्यत्व प्राप्त करने से लेकर अब तक के सफर की झलक, इस अवधि में विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति एवं लोक जीवन में आए बदलाव का समावेश होना चाहिए।
विभाग के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि ये रचनाएं गीत, एकांकी, लघु नाटक इत्यादि के रूप में भी भेजी जा सकती हैं। लोकगीत इत्यादि के लिए अगर धुन बनी हो तो इसे भी साथ ही भेजा जा सकता है। निर्धारित अवधि के दौरान जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय में प्राप्त प्रविष्टियों को आगामी चयन हेतु राज्य स्तर पर गठित समिति को भेजा जाएगा और चयनित प्रविष्टियों को अंतिम रूप देने के बाद इनका उपयोग स्वर्णिम हिमाचल रथ यात्रा में किया जाएगा। स्थानीय बोली में रचित प्रविष्टियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
हमीरपुर जिला के लोक कलाकार, संगीतकार और लेखक अपनी रचनाएं जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। इन रचनाओं के ऑडियो-वीडियो भी व्हाट्सऐप या जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय हमीरपुर के ईमेल डीपीआरओ हमीरपुर एट द रेट जीमेल डॉट कॉम पर भेजे जा सकते हैं।
हमीरपुर जिला के लोक कलाकार, संगीतकार और लेखक अपनी रचनाएं जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय में जमा करवा सकते हैं। इन रचनाओं के ऑडियो-वीडियो भी व्हाट्सऐप या जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय हमीरपुर के ईमेल डीपीआरओ हमीरपुर एट द रेट जीमेल डॉट कॉम पर भेजे जा सकते हैं।
