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नाहन। सिरमौर जिले के बाजारों में धूल व मक्खियों के सम्पर्क में आने वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। जिला दंडाधिकारी सिरमौर डॉ. आरके परूथी ने वीरवार को यहां महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत आदेश जारी करते हुए यह बात कही। उन्होंने बताया कि आगामी गर्मियों व बरसात के मौसम में जल जनित रोगों से होने वाली बीमारियां जैसे हैजा, दस्त, पेचिश व पेट संबंधी अन्य बिमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
डॉ. परूथी ने बताया कि बाजार में अधिक पके, गले-सड़े और कटे हुए फलों व सब्जियां, जो धूल व मक्खियों के सम्पर्क में आए हो और ढ़के न हो, ऐसे खाद्य पदार्थो की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, मांस, मछली, मिठाई, चाट, बिस्कुट, दूध, कोल्ड ड्रिंक्स आदि पदार्थ, जो ढ़के न हो और धूल, मिट्टी व मक्खियों के सम्पर्क में आ रहे हो, उन पदार्थों को बचने पर भी प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने बताया कि पानी से बनने वाली आईसक्रीम केन्डीज व आईसक्रीम, जो जीवाणु विज्ञानी द्वारा प्रमाणित न हो, उन्हें बाजार में बेचने की अनुमति नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, बिना डिब्बा बंद बर्तन व गंदे पानी के इस्तेमाल और किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी ऐसी गतिविधि या अनधिकृत व्यवसाय, जिससे आसपास के इलाके में महामारी फैलने की आशंका पैदा हो, उन सभी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा।
उपायुक्त द्वारा जिला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य निरीक्षक, जिला आयुर्वेद अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी व निरीक्षक, नगर निगम व पंचायत के स्वच्छता निरीक्षक तथा जिला के सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेट को किसी भी बाजार, दुकान, भवन व स्थान का निरीक्षण करने के लिए प्राधिकृत किया है। ये इन सभी खाद्य पदार्थों की गुणवता सही न पाए जाने की स्थिति या आदेशों की अवहेलना होने पर सामान को जब्त करने, हटाने या नष्ट करने के लिए अधिकृत होंगे। डीसी ने निर्देश दिए कि सभी कुएं, बावडी, निजी व सरकारी पानी के स्टोर टैंकों को ब्लीचिग पॉउडर व क्लोरीन से शुद्ध किया जाए। इन आदेशों का उल्लंघन करना आईपीसी की धारा 188 के तहत दंडनीय होगा।

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