शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जिला कमेटी ने सरकार के बर्फबारी से निपटने के लिए किए आधे अधूरे प्रबंधों की कड़ा निंदा की है। उसने प्रदेश सरकार से मांग की है कि बिजली, पानी, सड़कों व अन्य मूलभूत सेवाओँ को तुरंत दुरुस्त कर जनता को इस बर्फबारी के कारण हो रही असुविधा से राहत प्रदान करे। उसने कहा कि इन मूलभूत सेवाओं को सुचारू करने की जिम्मेवारी सरकार की बनती है, लेकिन सरकार अपने उत्तरदायित्व को नजरअंदाज कर इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
माकपा के जिला सचिव संजय चौहान ने सोमवार को कहा कि सरकार का ध्यान बर्फबारी से लोगों को हो रही परेशानी दूर करने की तरफ नहीं है, बल्कि उसका ध्यान केवल जिला परिषद व ब्लॉक समिति के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष बनाने के लिए कथित ख़रीद फरोख्त पर ही है। उन्होंने कहा कि जनता को हो रही असुविधा की सरकार को कोई परवाह नहीं है। यह बात इससे भी स्पष्ट हो जाती है कि प्रदेश की राजधानी शिमला में ही 24 घंटे से अधिक समय तक अंधेरा छाया रहा और तीन दिन बीतने के बाद आज भी बिजली व पानी की आपूर्ति पूर्ण रूप से सुचारू नहीं हुई है।
चौहान ने कहा कि राजधानी शिमला शहर के साथ-साथ पूरे जिले में आज बिजली, पानी, सड़क व अन्य सेवाएं इस बर्फबारी में पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि आज भी शिमला को जोड़ने वाली अधिकांश सड़कें या तो बंद पड़ी है या इनमें फिसलन है। ग्रामीण सड़कों के साथ-साथ शिमला से रामपुर वाया नारकंडा तथा शिमला से रोहड़ू मार्ग फिसलन के कारण सुचारू रूप से बहाल नहीं हो पाया है। इस कारण अभी भी इनमें गाड़ियों का चलना मुश्किल है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सोमवार को कोटखाई के पास भी रोहड़ू से आने वाली एक निजी बस फिसलन के कारण दुर्घनाग्रस्त हो गई और सड़क से नीचे जाने से बाल-बाल बच गई।माकपा नेता ने कहा कि बिजली बोर्ड व जल शक्ति विभाग में सरकार द्वारा वर्षों से भर्ती पर रोक के कारण आज इनमें कर्मचारियों की कमी के चलते शिमला जिला में बिजली व पेयजल व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है। बिजली की आपूर्ति सुचारू न होने के कारण अधिकांश पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं, जिस कारण कई क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। शिमला शहर व जिला के अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति सुचारू न होने से जनता परेशान हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रदेश में बिजली, पानी, सड़क व अन्य मूलभूत सेवाओं को सुचारू करने के लिए इन विभागों में रिक्त पड़े पदों को तुरंत भरा जाए, ताकि प्रदेशवासियों को मूलभूत आवश्यकताओं के लिए परेशान न होना पड़े। यदि सरकार तुरंत इन सेवाओं को सुचारू करने के लिए कदम नहीं उठाती तथा रिक्त पड़े पदों को तुरंत नहीं भर्ती तो पार्टी जनता को लामबंद कर इसके लिए संघर्ष करेगी।
