मंडी। मंडी जिला हिमाचल का पहला संपूर्ण ‘ई-डिस्ट्रिक्ट’ बन गया है। जिला प्रशासन ने इसे लेकर इस साल के शुरू से ही मिशन मोड पर कवायद छेड़ी थी। प्रशासन के ये प्रयास अब रंग लाए हैं और 20 अप्रैल से ये परियोजना पूरे जिले में लागू हो जाएगी।
उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर लोगों को घरद्वार पर सेवाएं दी जाएं। इससे लोगों को कोरोना वायरस के चलते सरकारी कार्यालय बंद होने की स्थिति में भी घर पर ही रहकर जरूरी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। खास बात ये है कि लॉक डाउन समाप्त होने के बाद भी यह सेवा जिलावासियों के लिए लगातार जारी रहेगी।
ठाकुर ने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली से जिले में विभिन्न नागरिक सेवाएं ऑन लाईन मिलेंगी। किसी भी व्यक्ति को यदि तहसील-उप तहसील से किसी प्रमाण पत्र की जरूरत है तो वह edistrict.hp.gov.in पर ऑन लाईन आवेदन कर सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को किसी कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। वह घर बैठे ही ऑनलाईन यह प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इस माध्यम से हिमाचली बोनाफाइड, आय, जाति, चरित्र प्रमाणपत्र, ओबीसी, कृषि, कानूनी वारिस, डोगरा क्लास, पिछड़ा क्षेत्र, अल्पसंख्यक, स्थाई निवास इत्यादि विभिन्न प्रमाण पत्र बनवाए जा सकते हैं। ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली से जमाबंदी व मुसाबी की प्रतियां भी ऑन लाईन प्राप्त की जा सकती हैं।
ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार का राज्य के सभी जिलों में ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना को लागू कर आम जनता को सुविधा प्रदान करने तथा घर-द्वार पर सेवाएं देने पर विशेष जोर है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने इस साल की शुरूआत में ही अप्रैल महीने तक पूरे मंडी जिले में ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली लागू करने का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल कर लेने से अब लोगों को घर बैठे विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध होेंगी, जिससे उन्हें बड़ी सहुलियत होगी और उन्हें सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी।
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