पीठासीन अधिकारियों की समिति की बैठक में बोले विधानसभा अध्यक्ष
विधायी कार्यवाही में एकरूपता लाने के लिए मॉडल नियमावली तैयार करने पर दिया जोर
हिमाचल विधानसभा में सभी सदस्यों को चर्चा का पूरा अवसर देने की व्यवस्था का किया उल्लेख, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों को सराहा
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा है कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती उसकी विधायी संस्थाओं की प्रभावशीलता पर निर्भर करती है। विधायिका के कार्य-संचालन एवं प्रक्रिया के नियम केवल तकनीकी प्रावधान नहीं हैं, बल्कि ये लोकतांत्रिक जवाबदेही, पारदर्शिता, सार्थक बहस और जनप्रतिनिधित्व की बुनियाद हैं। उन्होंने विधायी निकायों की कार्यप्रणाली में एकरूपता लाने के लिए प्रमुख नियमों पर आधारित एक समान मॉडल नियमावली तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पठानिया मंगलवार को नई दिल्ली स्थित होटल ताज पैलेस के मुमताज बैंक्वेट हॉल में दिल्ली विधानसभा द्वारा आयोजित पीठासीन अधिकारियों की समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। पठानिया 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच में भाग लेने के लिए इन दिनों नई दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि भारत की संसदीय प्रणाली संघीय ढांचे पर आधारित है, जिसमें केंद्र और राज्य लोकतांत्रिक व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। ऐसे में विधायी संस्थाओं के कार्य-संचालन एवं प्रक्रिया के नियमों में एकरूपता लाने के लिए समान मॉडल नियमावली तैयार करना महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। हालांकि, विभिन्न राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों और राजनीतिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण सभी नियमों को एक समान बनाना संभव नहीं है, लेकिन कुछ प्रमुख नियमों में एकरूपता लाकर इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि विधायी संस्थाओं की कार्यवाही को व्यवस्थित, पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक सदन में कार्य-संचालन एवं प्रक्रिया के नियम निर्धारित किए जाते हैं। प्रश्नकाल, विधेयकों, प्रस्तावों, समितियों, चर्चाओं, मतदान, विशेषाधिकारों और सदस्यों के आचरण सहित सदन की विभिन्न गतिविधियों का संचालन इन्हीं नियमों के तहत होता है। इसलिए समय की मांग है कि एक ऐसी मॉडल नियमावली तैयार की जाए, जिसे विभिन्न विधानमंडल अपनी संवैधानिक शक्तियों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अपना सकें।
हिमाचल विधानसभा में सभी सदस्यों को मिलता है चर्चा का अवसर
हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए पठानिया ने कहा कि सदन में बजट और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाती है। वह सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पूरा समय देने का प्रयास करते हैं। उनके अनुसार, सदस्य किस राजनीतिक दल से संबंधित है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। सभी को बार-बार अवसर देने से चर्चा में सार्थकता आती है और वास्तविक मुद्दे सामने आते हैं। उन्होंने हिमाचल विधानसभा में अपनाई जा रही कार्यप्रणाली के कई उदाहरण भी समिति के समक्ष रखे। पठानिया ने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष अपने कार्य में निपुण हो और सदन की कार्यवाही नियमों के अनुरूप संचालित हो, तो न्यायालयों के हस्तक्षेप की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को बेहतर मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया।
ओम बिरला के प्रयासों की सराहना
विधानसभा अध्यक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की सराहना करते हुए कहा कि विधायी संस्थाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विभिन्न विधानमंडलों की कार्यप्रणाली में एकरूपता लाने के प्रयास प्रशंसनीय हैं। उन्होंने कहा कि नियमों एवं प्रक्रिया के संचालन में समानता स्थापित करने की दिशा में ओम बिरला का योगदान महत्वपूर्ण है। उनका पिछला और वर्तमान कार्यकाल लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा विधायी संस्थाओं की मजबूती के लिहाज से उल्लेखनीय माना जाएगा।
मसौदा रिपोर्ट पर हुआ विचार-विमर्श
लोकसभा द्वारा पिछले वर्ष विभिन्न विधानमंडलों की प्रक्रिया और कार्य-संचालन नियमों के लिए एक समान मॉडल तैयार करने के उद्देश्य से पीठासीन अधिकारियों की समिति का गठन किया गया था। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को समिति का अध्यक्ष बनाया गया, जबकि हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, नागालैंड विधानसभा अध्यक्ष शेरिंगेन लॉगकुमेर, महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष गुरुपादगौड़ा संगनागौड़ा पाटिल को सदस्य नियुक्त किया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य समिति की मसौदा रिपोर्ट पर अंतिम विचार-विमर्श करना, उसे अपनाने और सिफारिशों के साथ लोकसभा को भेजने की दिशा में आगे बढ़ना था। बैठक की शुरुआत दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उपस्थित पीठासीन अधिकारियों को उपहार भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद समिति अध्यक्ष सतीश महाना ने प्रारंभिक टिप्पणी के साथ बैठक के एजेंडे की जानकारी दी।
इस दौरान सतीश महाना ने कुलदीप सिंह पठानिया के अनुभव, कार्यकुशलता और मार्गदर्शन की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि समिति की मसौदा रिपोर्ट तैयार करने में पठानिया का योगदान महत्वपूर्ण रहा है और उनके मार्गदर्शन से समिति को निष्कर्ष तक पहुंचने में मदद मिली है। बैठक में समिति के सभी सदस्यों ने मसौदा रिपोर्ट पर अपने विचार रखे। रिपोर्ट पर आगे भी विचार-विमर्श किया जाएगा और समिति की अगली बैठक महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में निर्धारित की गई है। बैठक से पहले समिति के सदस्यों ने संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इस अवसर पर लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर भी उपस्थित रहे।
