शिमला। प्रतिपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश कि जयराम सरकार यू टर्न, यानी पलटू सरकार है। उनका कहना है कि इस सरकार ने करोना काल में ना जाने कितने निर्णय पलटे हैं। उनका कहना था कि शैक्षणिक संस्थान खोलने का निर्णय भी विवेकहीनता से लिया गया था, जिसे भारी जनविरोध के चलते बदलना पड़ा।
अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बताएंगे कि ऐसे निर्णय उनसे कौन करवाता है? क्योंकि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान किस ने यह निर्णय करवाया था कि बच्चे अपने जोखिम पर आएंगे और सरकार की कोई जिम्मेवारी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि आख़िर सरकार अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच सकती है।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बच्चों कि जान जोखिम में डालना खतरनाक निर्णय था और काफ़ी शिक्षक और बच्चे इस संक्रमण की चपेट में आ रहे थे। उन्होंने कहा कि इसी माह में अब तक कोरोना से 77 मौतें हो चुकी हैं। इसलिए जनता की जान से ना खेला जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट से निपटने में विफलता के तमाम मुद्दे दिसंबर के विधानसभा सत्र में उठेंगे।
