शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय में मॉनसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही देखने से पहले पोर्टमोर स्कूल शिमला तथा राजकीय महाविद्यालय धामी के विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से कौंसिंल चैंबर में मुलाकात की। इस दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा अध्यक्ष से सदन की कार्यवाही तथा विधानसभा की भूमिका, गठन तथा स्पीकर पद के महत्व पर प्रकाश डालने का आग्रह किया, जिसका विधानसभा अध्यक्ष ने सिलसिलेवार उत्तर दिया।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा एक राज्य का कानून बनाने वाला सदन है। जैसे हमारे स्कूल में अलग-अलग कक्षाएं होती हैं, वैसे ही राज्य में अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र होते हैं और हर निर्वाचन क्षेत्र से एक नेता चुना जाता है, जिसे विधायक कहते हैं। ये विधायक मिलकर विधानसभा बनाते हैं। विधानसभा का मुख्य काम राज्य के लोगों के लिए कानून बनाना है। जैसे स्कूल में नियम होते हैं. वैसे ही राज्य को चलाने के लिए कानून जरूरी होते हैं।

पठानिया ने कहा कि जिस राजनीतिक दल के सबसे ज्यादा विधायक चुनाव जीतते हैं वह दल मिलकर सरकार बनाता है। सरकार का मुखिया मुख्यमंत्री कहलाता है। विधानसभा में विधायक सरकार से लोगों की समस्याओं के बारे में सवाल पूछते हैं और सरकार को उसका जवाब देना होता है। सरकार हर साल बताती है कि वह लोगों के लिए क्या-क्या काम करेगी और उसके लिए कितना पैसा खर्च होगा जिसे बजट कहते हैं और विधान सभा इसे पास करती है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा में एक स्पीकर होता है जो सदन की कार्यवाही को नियंत्रित करता है, जैसे स्कूल में प्रिंसिपल असेम्बली को चलाते हैं। इसके अतिरिक्त जो दल सरकार नहीं बना पाते, वह विपक्ष की भूमिका निभाते हैं। विपक्ष का काम सरकार के कामों पर नजर रखना और लोगों की आवाज उठाना होता है। विधानसभा में किसी भी मुद्दे पर खूब बहस होती है, जिसमें विधायक अपनी अपनी राय रखते हैं। जब कोई कानून बनाना होता है तो विधायक उस पर मतदान करते हैं। जिस तरफ ज्यादा वोट होते हैं वह कानून बन जाता है।
पठानिया ने कहा कि विधान सभा लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह लोगों को अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार में भाग लेने का मौका देता है।
