शिमला। हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन से पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायक दल की बैठक शनिवार को विधानसभा परिसर में हुई। इस बैठक में शुक्रवार को सदन में हुए गतिरोध और राष्ट्र गान के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा कर आगे की रणनीति तय की गई। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्र गान के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ उसका आक्रामक रुख जारी रहेगा।
विधायक दल की बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए विधानसभा परिसर में पहुंचे। कांग्रेस विधायकों ने विपक्षी भाजपा के विधायकों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इन विधायकों के हाथों में पोस्टर भी थे। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने नारे लगाते हुए कहा कि “राष्ट्रगान का अपमान हिंदुस्तान नहीं सहेगा।” कांग्रेस ने संकेत दिए कि इस मुद्दे को सदन के भीतर भी जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
उधर, विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्र गान का अनादर मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी भाजपा ने बीते रोज की तर्ज पर आज भी राष्ट्र गान का अपमान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 अगस्त को जहां-जहां भी मंत्रियों के कार्यक्रम थे, वहां राष्ट्र गीत का गायन हुआ।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा की अपनी पंरपराएं और नियम हैं। यहां सत्र की कार्यवाही का शुभारंभ राष्ट्र गान से होता है और समापन राष्ट्र गीत के साथ होता है। लेकिन भाजपा के सदस्यों ने बीते रोज राष्ट्र गान के वक्त हाथ उठाकर राष्ट्र गीत का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बेवजह तिल का ताड़ बनाने की कोशिश कर रहा है। राष्ट्र गान के अनादर को लेकर कांग्रेस गंभीर है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने तंज कसा कि आरएसएस ने कई सालों तक अपने कार्यालयों में तिरंगा भी नहीं फहराया। लिहाजा भाजपा को कांग्रेस को देशभक्ति सिखाने से पहले अपने गिरबां में झांकना चाहिए।
