आईजीएमसी एवं दंत महाविद्यालय कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री सुक्खू से की लंबित वित्तीय देनदारियों के भुगतान की मांग
शिमला। आईजीएमसी एवं दंत महाविद्यालय कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार से कर्मचारियों के लंबित 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) और एरियर का भुगतान 15 अगस्त के अवसर पर करने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष हरिन्द्र सिंह मेहता, महामंत्री हनीश ठाकुर, उपप्रधान विवेक, कोषाध्यक्ष अरविंद पाल,कार्यकारिणी सदस्य भीष्म और भवनेश ने संयुक्त बयान में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से कर्मचारियों के हित में लंबित वित्तीय देनदारियों का भुगतान शुरू करने का आग्रह किया।
संघ के अध्यक्ष एवं हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के संयुक्त सचिव हरिन्द्र सिंह मेहता ने कहा कि प्रदेश का कर्मचारी चाहे किसी भी श्रेणी में कार्यरत हो, वह विभिन्न प्रकार के ऋणों और आर्थिक जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा हुआ है। ऐसे में महंगाई भत्ता और अन्य वित्तीय लाभ मिलने से ही कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकती है तथा उनके वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों ने सरकार की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के आग्रह पर अब तक धैर्य बनाए रखा है और लंबित वित्तीय लाभों के लिए इंतजार किया है। कर्मचारियों को मुख्यमंत्री पर पूरा विश्वास है कि इस 15 अगस्त को प्रदेश सरकार 15 प्रतिशत डीए और एरियर का भुगतान कर कर्मचारियों की लंबित वित्तीय देनदारियों के निपटारे की शुरुआत करेगी।
इस मांग को लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने भी आईजीएमसी कर्मचारी संघ को अपना समर्थन दिया है। नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष शीतल श्रीवास्तव, महामंत्री ममता भारद्वाज, पुष्पा, लैब टेक्निशियन एसोसिएशन के प्रधान राजन, महामंत्री चमन, राजेश रोका, अरविंद डोगरा, हितेंद्र चौहान, वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कपूर जिष्टू, राजेश भारद्वाज, गिरीश, सन्नी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के महामंत्री अनिल, रेडियोलॉजी एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र, अमित और चित्ररंजन ने भी संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री से लंबित डीए व एरियर का भुगतान करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उम्मीद है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकार उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगी।
