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मेडिकल डिवाइस पार्क, बैकडोर भर्ती, अवैध खनन, कानून व्यवस्था, पेपर लीक और नशे के बढ़ते कारोबार पर सरकार को घेरा 

कहा – 2027 में जनता देगी जनविरोधी नीतियों का करारा जवाब‌ 

शिमला। प्रदेश के पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार, कुशासन और प्रशासनिक विफलताओं का नया रिकॉर्ड बनाकर इतिहास में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि सरकार आज तक यह तय नहीं कर पाई कि उसकी प्राथमिकताएं क्या हैं। जनता के हितों की बजाय सत्ता बचाने, राजनीतिक समीकरण साधने और मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं में सरकार का अधिकांश समय बीत गया, जबकि प्रदेश बेरोजगारी, महंगाई, ठप पड़े विकास कार्यों और बिगड़ती कानून व्यवस्था की मार झेलता रहा।

बिक्रम ठाकुर ने बुधवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री लगातार बेहतर शासन के दावे करते हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, उद्योग निवेश ठप पड़ा है, विकास परियोजनाएं धीमी पड़ चुकी हैं और सरकार केवल घोषणाओं तथा प्रचार तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने कहा कि साढ़े चार वर्षों में कांग्रेस सरकार ने जनता की उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया है।

नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क का मुद्दा उठाते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के समय स्वीकृत यह परियोजना हिमाचल की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती थी। केंद्र सरकार ने कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 100 करोड़ रुपये की अनुदान राशि भी दी थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने वह राशि वापस कर प्रदेश के हजारों युवाओं के रोजगार के अवसर छीन लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चार वर्षों तक परियोजना स्थल पर केवल औपचारिक गतिविधियां होती रहीं और अब सरकार 20 हजार करोड़ रुपये के टर्नओवर जैसे खोखले दावे कर रही है। 

अवैध खनन के मुद्दे पर बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में खनन माफिया इसलिए बेखौफ है क्योंकि उसे सत्ता से जुड़े लोगों का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के प्रभावशाली नेता और सरकार से जुड़े लोग अवैध खनन से लाभ उठा रहे हैं, इसलिए कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एक कैबिनेट मंत्री से जुड़े तथ्य भी सामने आएंगे और सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए।

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में अब फिरौती, संगठित अपराध और खुलेआम हमलों जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। बिलासपुर की हालिया घटना इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है और सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है।

बिकम ठाकुर ने राज्य में नशे के बढ़ते कारोबार पर भी सरकार को घेरा और कहा कि सरकार करोड़ों रुपये नशा विरोधी अभियानों पर खर्च करने का दावा करती है, लेकिन कुल्लू में खुलेआम ड्रग पार्टियां आयोजित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा भी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। यदि पुलिस की निगरानी के बावजूद ऐसी गतिविधियां चल रही हैं तो यह सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।

पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वयं जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में तीन आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की, लेकिन सरकार ने आज तक उन सिफारिशों को लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ वास्तव में गंभीर है तो सीबीआई की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करे, अन्यथा उसके भ्रष्टाचार विरोधी दावे केवल दिखावा हैं। 

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र किसी से छिपा नहीं है। जिसने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया, भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और प्राण प्रतिष्ठा से दूरी बनाई, वही आज इस मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित मामले में एसआईटी गठित हो चुकी है, आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है और कानून अपना काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री के मिशन रिपीट के दावे पर पलटवार करते हुए बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकाय चुनावों के परिणाम कांग्रेस की वास्तविक स्थिति बता चुके हैं। जनता का विश्वास सरकार से उठ चुका है और 2027 में कांग्रेस की विदाई तय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भाजपा को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता सौंपने का मन बना चुकी है।

उद्योग मंत्री को उनके बयान पर घेरा पूर्व मंत्री ने 

उद्योग मंत्री‌ हर्षवर्धन चौहान के उस वायरल बयान पर भी बिक्रम ठाकुर ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया, जिसमें मंत्री ने अपनी सिफारिश पर 600 से 700 लोगों को आउटसोर्स के माध्यम से रोजगार दिलाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि यदि यह बयान सही है तो यह बैकडोर भर्ती का सबसे बड़ा प्रमाण है और इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि बयान गलत है तो मंत्री को सार्वजनिक रूप से प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पारदर्शिता का ढोल पीटती है, जबकि उसके अपने मंत्री बैकडोर भर्ती की स्वीकारोक्ति कर रहे हैं।

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का साढ़े चार साल का कार्यकाल जनता के विश्वास को तोड़ने, विकास को रोकने और प्रदेश को हर क्षेत्र में पीछे धकेलने का कार्यकाल रहा है। अब हिमाचल की जनता परिवर्तन का मन बना चुकी है और वर्ष 2027 में कांग्रेस सरकार को उसकी जनविरोधी नीतियों, कुशासन और वादाखिलाफी का लोकतांत्रिक एवं करारा जवाब देगी। 

By admin

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