शिमला। भाजपा द्वारा आपातकाल की वर्षगांठ को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाए जाने पर हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केंद्र में 12 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा अपने कार्यकाल का मूल्यांकन कराने के बजाय बार-बार आपातकाल का मुद्दा उठाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।
शिमला में वीरवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि उसने पिछले 12 वर्षों में देश के लिए क्या किया। उन्होंने कहा कि बार-बार दशकों पुरानी घटनाओं को उठाने के बजाय भाजपा को अपने शासनकाल की उपलब्धियों और नीतियों पर चर्चा करनी चाहिए। नेगी ने कहा कि आपातकाल किन परिस्थितियों में लगाया गया था, इस पर भाजपा कभी चर्चा नहीं करती। उन्होंने दावा किया कि उस समय देश में संवैधानिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली परिस्थितियां पैदा हो गई थीं, जिसके चलते आपातकाल घोषित किया गया।
राजस्व मंत्री ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव है और विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति बन गई है कि सरकार से सवाल पूछने वालों पर कार्रवाई का डर बना रहता है। उन्होंने दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली के नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का हवाला देते हुए कहा कि कई मामलों में लंबे समय तक जांच चलने के बावजूद आरोप साबित नहीं हो पाए।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि विपक्षी दलों को भी केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की रक्षा के लिए मजबूती से अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सभी लोकतांत्रिक शक्तियों को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और भाजपा द्वारा आपातकाल के नाम पर की जा रही राजनीति का जवाब तथ्यों के आधार पर देगी।
