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शिमला। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव व जुब्बल-कोटखाई के पूर्व विधायक रोहित ठाकुर ने कहा कि वैश्विक कोरोना महामारी ने पूरे देश की तरह प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश की 90 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, जिनकी आर्थिकी अधिकतर कृषि एवं बागवानी पर निर्भर है। कोरोना ने कृषि क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है।

ठाकुर ने कहा कि यदि समय रहते कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में सरकार द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इसके गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। प्रदेश की विकास दर में कृषि-बागवानी का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जहां पिछले वर्ष मंदी का दौर था, वहीं प्रदेश में मजबूत बागवानी की आर्थिकी के चलते राज्य की विकास दर अन्य राज्यों से बेहतर थी। उन्होंने सरकार द्वारा कृषि और बाग़वानी से जुड़ी वस्तुओं को (Essential Items) आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल करने का जहां स्वागत किया, वहीं उपलब्ध नाममात्र कीटनाशक, फफूंदनाशक दवाइयों, परागण के लिए मधुमक्खियों को लेकर सरकार का ध्यान भी आकर्षित किया।ठाकुर ने कहा कि आजकल बागवानों को फफूंदनाशक, कीटनाशक दवाइयों की आवश्यकता रहती है और सेब सीज़न को भी मात्र तीन-चार माह का समय शेष है। इन परिस्थितियों को देखते हुए निजी विक्रेताओं के अलावा मांग के अनुरूप दवाइयों व पैकिंग सामग्री की आपूर्ति पहले की तरह HPMC व HIMFED के माध्यम से भी होनी चाहिए। कोरोना महामारी के प्रकोप से कृषि एवं बागवानी क्षेत्र की भविष्य में आने वाली समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाए । उच्च स्तरीय कमेटी जो भी निर्णय ले, उसका युद्धस्तर पर क्रियान्वयन, समय-समय पर निगरानी व समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि नालागढ़, बद्दी, काला अंब में स्थापिक कार्टन व ट्रे यूनिटों में सरकार को जरूरी स्वास्थ्य सुरक्षा एहतियात बरतकर पैकिंग सामग्री का उत्पादन तेजी से शुरू करवाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि यदि आज गुम्मा की कार्टन फैक्टरी होती तो क्षेत्र की जनता को इस तरह से निजी गत्ता फैक्टरियों पर निर्भर ना रहना पड़ता।

MIS की लंबित राशि जल्द जारी करे सरकार

रोहित ठाकुर ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते बागवानों को कठिन आर्थिक परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है। ऐसे आपातकालीन समय में सरकार बागवानों की एमआईएस (MIS) के तहत दो वर्षों से लंबित 50 करोड़ रूपए की बक़ाया राशि ज़ारी की जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना के ख़तरे को देखते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में भिन्न-भिन्न श्रेणियों के 30-40 फीसदी रिक्त पड़े पदों को शीघ्र अति शीघ्र भरा जाए।उनका कहना था कि कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन बढ़ने का अंदेशा देखते हुए दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचलवासियों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें घरों तक पहुंचाने के प्रयास  किए जाएं। ठाकुर ने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी की लड़ाई में कांग्रेस पार्टी सरकार के साथ खड़ी हैं। साथ ही कहा कि वे जनता से जुड़े मुद्दे, समस्याएं व सकारात्मक सुझाव सरकार के संज्ञान में समय-समय पर लाते रहेंगे। ठाकुर ने जनता से कोरोना महामारी के खिलाफ़ सरकार द्वारा ज़ारी एडवाज़री एवं ज़रूरी एहतियात बरतने व प्रशासन को हरसंभव सहयोग देने की अपील की।

By admin

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