एनटीपीसी कोलडैम हाइड्रो परियोजना प्रबंधन के साथ आयोजित बैठक के दौरान बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री
बिलासपुर। नगर व ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने शुक्रवार को एनटीपीसी कोल डैम पाॅवर स्टेशन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पाॅवर हाउस का भी निरीक्षण किया तथा विभिन्न तकनीकी जानकारी प्राप्त की। इस बीच उन्होंने कोल डैम पाॅवर स्टेशन की मोटर बोट का भी सफर कर बांध का भी अवलोकन किया।
इससे पहले, एनटीपीसी कोल डैम प्रबंधन के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं तो वहीं जिला बिलासपुर में वाॅटर स्पोर्ट्स तथा पर्यटन की भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि एनटीपीसी की कोल बांध परियोजना के तहत एक बहुत बड़ी झील का निर्माण हुआ, जिसके माध्यम से वाॅटर स्पोट्र्स तथा पर्यटन की दिशा में बेहतरीन कार्य किया जा सकता है। उन्होंने आस-पास के लोगों विशेषकर युवाओं से भी पर्यटन से जुड़े ऐसे कौशल आधारित पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण हासिल करने का आह्वान किया, जिसके माध्यम से उन्हे घर-द्वार की पर्यटन इकाई के तहत रोजगार के अवसर सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने उम्मीद जताई की इस दिशा में एनटीपीसी कोल बांध परियोजना प्रबंधन भी जिला प्रशासन के साथ व्यापक समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करेगावाॅटर ताकि यहां मौजूद वाॅटर स्पोर्ट्स तथा पर्यटन की संभावनाओं का व्यापक दोहन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला दो प्रमुख फोरलैन सड़क परियोजनाओं के साथ जुड़ा होने के कारण यहां पर होम स्टे गतिविधियों को ज्यादा विकसित करने की आवश्यकता है ताकि पर्यटक यहां रूक सकें। उन्होंने एनटीपीसी पाॅवर प्रोजेक्ट प्रबंधन को प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश विश्व विद्यालय, पर्यटन विकास विभाग के साथ मिलकर होम स्टे संचालन के लिए एक ऐसा पाठ्यक्रम तैयार करने को कहा जिसके माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा एक बेहतर होम स्टे का संचालन कर सकें। इसके अतिरिक्त पहले से ही होम स्टे इकाईयों का संचालन कर रहे लोगों को भी अल्प अवधि के पाठ्यक्रम के साथ जोड़कर बेहतर संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जा सके।
धर्माणी ने कहा कि एनटीपीसी देश की नवरत्न कंपनी है जो 800 मैगावाॅट के हाडड्रो पाॅवर स्टेशन का बेहतरीन संचालन कर रही है। इस परियोजना का लाभ देश को ही नहीं, प्रदेश को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के बनने से आस-पास के क्षेत्र में जहां खुशहाली आई है तो वहीं लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि लाडा और सीएसआर फंड के माध्यम से एनटीपीसी द्वारा करोड़ों रुपये की धनराशि स्थानीय विकास कार्यों पर व्यय की जा रही है।
उन्होंने एनटीपीसी कोल बांध प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां प्रत्येक वर्ष एक माह के लिए विशेषकर बालिकाओं के सशक्तिकरण को केंद्रित करते हुए कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिसमें ऐसे बच्चों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। साथ ही स्वरोजगार सृजन गतिविधियों पर भी विशेष बल देते हुए कई नई पहल भी शुरू की हैं।
इससे पहले एनटीपीसी कोल बांध परियोजना के परियोजना निदेशक शेषागिरी राव सत्तिरजु ने तकनीकी शिक्षा मंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा एनटीपीसी कोल बांध परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की।
इस मौके पर उपायुक्त के सहायक आयुक्त राज कुमार सहित कोलडैम हाइड्रो पाॅवर स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
