शिमला। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी के शहीदी दिवस पर कांग्रेस शनिवार को सत्यागह उपवास कर किसान अधिकार दिवस के तौर पर मनाएगी।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव रजनीश किमटा ने शुक्रवार को यहां बताया कि केंद्र सरकार के किसान विरोधी कानून के विरोध में कांग्रेस प्रदेशभर में सभी जिलों में 31 अक्टूबर को सत्याग्रह उपवास कर अपना विरोध प्रदर्शन करेगी। उन्होंने बताया कि देश के किसानों के हक की निर्णायक लड़ाई कांग्रेस लड़ रही है और यह तब तक जारी रहेगी, जब तक की किसानों के इन काले कानूनों को रद्द नहीं किया जाता।
किमटा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किसानों को उनके अधिकार देकर उन्हें साहूकारों की गुलामी से मुक्त करते हुए उन्हें उनका हक दिया था। उन्होंने मुजारा कानून खत्म कर खेतिहर किसानों को उनका जमीनी हक दिया था। इसी तरह इंदिरा गांधी ने देश के किसानों के कल्याण के लिए अनेक कानून बनाए। किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिले, इसका कानूनन प्रावधान किया गया।
किमटा ने कहा कि आज केंद्र की मोदी नेतृत्व एनडीए सरकार ने नया कृषि कानून बना कर फिर से देश के किसानों को बर्बाद करने व बड़े साहूकारों व उद्योपतियों का गुलाम बनाने की ओर धकेल दिया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस शनिवार 31 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में अपने इन नेताओं को याद करते हुए किसान अधिकार दिवस के तौर पर मनाएगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में दोनों महान सपूतों को श्रद्धासुमन देने के बाद शिमला रिज मैदान में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर व अन्य कांग्रेस नेता सत्याग्रह उपवास कर इस किसान अधिकार दिवस में भाग लेंगे।
