युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने की अपील
शिमला। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से तंबाकू एवं निकोटिन उत्पादों से दूर रहने का आह्वान किया है़। साथ ही उन्होंने युवाओं से एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश – निकोटिन एवं तंबाकू की लत का मुकाबला” हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देती है कि तंबाकू उत्पादों का दिखावटी आकर्षण वास्तव में व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज के लिए अत्यंत हानिकारक है।
राज्यपाल ने कहा कि तंबाकू सेवन अनेक गंभीर एवं जानलेवा बीमारियों का प्रमुख कारण है तथा इसका दुष्प्रभाव विशेष रूप से युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज के सभी वर्ग मिलकर तंबाकू और निकोटिन की लत के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाएं तथा आने वाली पीढ़ियों को इस बुराई से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास करें।
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा, “तंबाकू उत्पादों का आकर्षण भ्रामक है। वास्तव में यह व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति के लिए गंभीर खतरा है। हमें विशेष रूप से युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करना होगा।”
राज्यपाल ने कहा कि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, खेलकूद, योग तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज की यह साझा जिम्मेदारी है कि वे तंबाकू और निकोटिन की लत के प्रति जागरूकता फैलाएं तथा नशामुक्त वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।
उन्होंने कहा, “स्वस्थ और सशक्त युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि हम उन्हें नशे की गिरफ्त से बचाने में सफल होते हैं तो यह विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।” राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि हिमाचल प्रदेश के लोग इस दिशा में सक्रिय सहयोग प्रदान करेंगे तथा एक स्वस्थ, जागरूक और तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
