शिमला। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार कहा है कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार का प्रदेश के नव निर्माण में बहुत ही उल्लेखनीय योगदान है। अगर डॉ. परमार न होते तो शायद आज हिमाचल भी अपने पूर्ण अस्तित्व में नहीं होता।
डॉ. परमार की पुण्यतिथि पर उनकी भूमिका को याद करते हुए विनय कुमार ने कहा कि यह प्रदेश कभी भी उनके इस ऋण को नही चुका सकता। उन्होंने कहा कि उनके अथक प्रयासों से हिमाचल को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। उनकी दूरदृष्टि उनकी सादगी आज भी हमारा मार्ग प्रसस्त करता है।
विनय कुमार ने कहा कि डॉ. परमार को हमारी सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम प्रदेश में उनकी विरासत, पार्टी की मजबूती के लिए एकजुटता के कार्य करते हुए प्रदेश के सम्पूर्ण विकास में अपना योगदान दें।
उधर, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शनिवार को डॉ. यशवंत सिंह परमार की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा ने डॉ. परमार को याद करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के अस्तित्व को बचाने व निखारने में उनका महान योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि लैंड रिफॉर्म्स एक्ट की धारा 118 डॉ. परमार की ही देन है।
इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव धर्मेंद्र धामी, भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा, शिमला जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहरी इंद्रजीत सिंह के अतिरिक्त कंवर नरेंद्र सिंह, उमा वर्मा, सत्या वर्मा, शशि जसु, संतोष शर्मा, दीक्षित जोगटा, मुकेश भाटिया, पूर्णिमा, पूनम चोपड़ा, अतुल ठाकुर, नागड़ू राम, सेन राम नेगी, महेंद्र जीत सिंह, पंकज सिंह, दिवांश सहित कई अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने डॉ. परमार के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें अपने-अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
