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कहा – बीपीएल परिवारों की बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही कांग्रेस, इसकी नीयत और नीति दोनों फेल 

शिमला। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर ने ‘बेटी है अनमोल योजना’ के तहत पिछले तीन वर्षों से छात्राओं को आर्थिक सहायता न मिलने के मामले पर कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि गरीब परिवारों की बेटियों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है।

तोमर ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से बीपीएल परिवारों की बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह योजना पूरी तरह ठप पड़ गई है। उन्होंने कहा कि तीन-तीन साल तक छात्राओं को छात्रवृत्ति न मिलना इस बात का प्रमाण है कि सरकार को बेटियों की शिक्षा और भविष्य की कोई चिंता नहीं है। 

बलदेव तोमर ने कहा कि प्रदेशभर में हजारों छात्राएं इस योजना की लाभार्थी हैं, जिनमें से बड़ी संख्या को पिछले तीन वर्षों से कोई सहायता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन परिवारों के लिए बेहद कठिन है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी बेटियों को पढ़ाना चाहते हैं। कांग्रेस सरकार ने उनके सपनों पर ताला लगा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल योजनाओं के नाम बदलकर और घोषणाएं करके जनता को गुमराह कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत पूरी तरह विपरीत है।

बलदेव तोमर ने कहा कि इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना जैसे नए नाम देकर सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि लाभार्थियों तक एक भी रुपया समय पर नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि यह भी बेहद गंभीर है कि विभाग स्तर पर बजट की मांग भेजे जाने के बावजूद स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकताओं में बेटियों की शिक्षा कहीं भी शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार एक तरफ महिला सशक्तिकरण के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ बेटियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति तक रोक दी गई है। उन्होंने कहा कि यह दोहरा चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है, बातों में महिला हितैषी और काम में पूरी तरह विफल है। 

बलदेव तोमर ने यह भी कहा कि योजना के तहत मिलने वाली राशि छोटी हो सकती है, लेकिन गरीब परिवारों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि 500 से 5000 रुपये तक की यह सहायता भी जब समय पर नहीं मिलती, तो इसका सीधा असर बेटियों की पढ़ाई पर पड़ता है। उन्होंने कांग्रेस सरकार से सवाल किया कि आखिर तीन वर्षों से यह राशि क्यों रोकी गई? क्या सरकार के पास बेटियों की शिक्षा के लिए बजट नहीं है, या फिर यह जानबूझकर की गई लापरवाही है? तोमर ने सरकार से तुरंत लंबित छात्रवृत्ति जारी करने और योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया, तो भाजपा इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाएगी और बेटियों के अधिकार के लिए बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेगी। 

By admin

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