Spread the love

कहा – न्यायिक जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी 

शिमला। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी ने सोलन स्थित चेस्टर हिल भूमि घोटाले और प्रदेश में अन्य कथित भूमि घोटालों को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को यहां प्रेस वार्ता में माकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सैकड़ों करोड़ रुपये के इस घोटाले में प्रदेश के मुख्य सचिव की भूमिका संदिग्ध है और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पार्टी राज्य सचिव संजय चौहान और राज्य सचिव मंडल सदस्य डॉ. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि 275 बीघा भूमि से जुड़े चेस्टर हिल घोटाले और पंजाब के मोहाली में भूमि खरीद के मामलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य सचिव पर पूर्व में भी भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं और उनकी संपत्तियों में पिछले कुछ वर्षों में असामान्य वृद्धि हुई है।

दोनों नेताओं ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार द्वारा मुख्य सचिव को पद से न हटाया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस पूरे मामले को “अधिकारियों की आपसी खींचतान” बताना इसकी गंभीरता को कम करने का प्रयास है। 

इन नेताओं ने आरोप लगाया कि चेस्टर हिल प्रकरण में नगर निगम सोलन आयुक्त, एसडीएम और तहसीलदार स्तर की जांचों को दरकिनार करते हुए मुख्य सचिव द्वारा क्लीन चिट देना पूरे मामले को संदिग्ध बनाता है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न केवल प्रशासनिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि नगर निगम अधिनियम 1994 और भू-राजस्व अधिनियम 1972 की भी अवहेलना है।

उन्होंने प्रदेश में भू-माफिया के सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए कहा कि नौकरशाही, ठेकेदारों, रियल एस्टेट कारोबारियों और राजनेताओं के गठजोड़ से बेनामी सौदे हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गरीब किसानों की जमीनें कौड़ियों के भाव हड़पी जा रही हैं।

भू-अधिनियम‌ की धारा 118 का उल्लेख करते हुए सीपीएम नेताओं ने कहा कि इसे लगातार कमजोर किया जा रहा है, जिससे बाहरी लोगों द्वारा जमीन खरीदने के रास्ते आसान हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा और वर्तमान कांग्रेस सरकार दोनों ने इस प्रावधान को कमजोर करने में भूमिका निभाई है, जिससे भूमि घोटालों को बढ़ावा मिला है।

सीपीआई (एम) ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच करवाई जाए तो “कई बड़ी मछलियां” बेनकाब हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा और सचिवालय, छोटा शिमला का घेराव भी किया जाएगा। प्रेस वार्ता में विजेंद्र मेहरा सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *